वैट में छूट दो, तभी घटेगी महंगाई

महादेव (मंडी)। व्यापार को स्वरोजगार के रूप में अपनाकर कैरियर संवारने की तमन्ना पाले दुकानदारों को वैट रूपी दानव ने जकड़ लिया है। हर वस्तु पर वैट से इस वर्ग में छटपटाहट है। इससे महंगाई भी बढ़ी है। इनका तर्क है कि अगर प्रदेश सरकार वैट को लेकर कोई उदार नीति अपनाए तो इससे यहां महंगाई कम होगी, वहीं कारोबारियों को भी राहत मिलेगी।
व्यापारी अरसे से उदारवादी नीतियों के लिए सरकार की ओर निगाहें लगाए बैठे हैं। हालांकि, हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने हिमाचल व्यापार कल्याण बोर्ड का गठन किया है। इससे व्यापारियों में थोड़ी सी आस जगी है, लेकिन वैट के ऑनलाइन किए जाने से छोटे और मझोले व्यापारियों को इससे कोई राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। परचून विक्रेताआे से खरीद की गई वस्तु की कीमत में थोक विक्रेता के लाभ पर भी वैट अदा करना पड़ा है। इसके साथ ही टैक्स प्रणाली के ऑनलाइन होने से छोटे व्यापारी मुश्किल में हैं।
व्यापारी वीरेंद्र कुमार का कहना है कि व्यापार स्वरोजगार का अहम हिस्सा है। इससे जुडे़ लोग सरकार से अपने और उपभोक्ताओं के लिए जनहित नीति की उम्मीद कर रहे हैं। भोजपुर के व्यापारी सुरेश कुमार कौशल ने बताया कि वैट लागू होने के बाद पचीस रुपये की छोटी सी वस्तु का भी बिल बनाना पड़ता है। वहीं, उन्हाेने जगह-जगह से उखड़ी खस्ता हाल शहर की सड़कों पर भी गहरी चिंता जताई है।
सुंदरनगर व्यापार मंडल के प्रधान घनश्याम महाजन तथा महासचिव प्रकाश शर्मा ने संयुक्त बयान में व्यापारी वर्ग को देश की आर्थिकी की रीढ़ बताया है। कहा कि सरकार हर वर्ग के लिए कई तरह की सुविधाओं का ध्यान रखती है, लेकिन व्यापारी वर्ग हमेशा अनदेखी का ही शिकार रहा है। उन्होंने सरकार से वैट सहित अन्य टैक्स प्रणाली में उदारीकरण की मांग की है। इससे महंगाई भी कम होगी। उन्हाेने सुंदरनगर शहर की सड़काें की मरम्मत और विभिन्न स्थलों पर स्ट्रीट लाइट की सुविधा की मांग की है।

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