
शिमला। हिमाचल प्रदेश पंचायत चौकीदार यूनियन ने सरकार से मांग की है कि उन्हें या तो दैनिक वेतनभोगी बनाया जाए या फिर नियमित किया जाए। सोमवार को पंचायती चौकीदारों का एक प्रतिनिधिमंडल इंटक के राज्य उपाध्यक्ष सोहन वर्मा के नेतृत्व में पंचायत राज मंत्री अनिल शर्मा से राज्य सचिवालय मेें मिला। प्रतिनिधिमंडल में इंटक के कार्यालय सचिव संजय चौहान, पंचायत चौकीदार यूनियन के उपप्रधान जगदीश चंद विशेष रूप से मौजूद थे।
यूनियन ने मांग की कि 1952 से लगे पंचायत चौकीदारों के भविष्य को देखते हुए इनके लिए प्रदेश सरकार ठोस नीति बनाए। यह भी मांग उठाई कि पंचायत चौकीदारों को भत्ते की जगह वेतन दिया जाए, जिसमें पूर्व की भाजपा सरकार के समय में बदलाव किया गया था। उन्होंने यह भी मांग की कि 3243 पंचायतों में कार्यरत चौकीदारों को या तो दैनिक वेतनभोगी बनाया जाए या फिर उन्हें नियमित किया जाए। उन्होंने मांग उठाई कि ग्राम पंचायतों में वर्ष 1999 में से पंचायतों के ही माध्यम से नियुक्तियां दी गई थीं। 2009 में पंचायत सहायकों को सरकार ने पंचायत सचिव बनाया। पंचायती राज मंत्री से मांग की गई कि जिस तरह से पंचायत सहायकों को सरकारी कर्मचारी बनाया गया है, उसी तरह से पंचायत चौकीदारों को भी सरकारी कर्मचारी बनाया जाए।
इस प्रतिनिधिमंडल में पंचायत चौकीदार यूनियन के उपप्रधान जगदीश चंद सहित अन्य पदाधिकारियों में मेहर चंद, हरदेव सिंह, कुमार सिंह, प्रेम लाल, योगराज, कृष्ण चंद, जगदीश, गोपाल, भागचंद, रामलाल, धनवीर सिंह आदि भी मौजूद रहे।
