
रिवासलर (मंडी)। त्रिवेणी धर्म स्थली रिवालसर में पवित्र झील के सौंदर्यीकरण की योजनाएं सिरे ने ही चढ़ पाई हैं। हालांकि, इन योजनाओं को शुरू करने में लाखों रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है। इन योजनाओं में झील की डिसिल्टिंग, रैन बसेरा, झील परिसर में लाइटें, दूषित पानी की निकासी, कार पार्किंग, पार्क और पर्यटक केंद्र आदि की योजनाएं शुरू तो की गई। मगर कोई भी योजना अपने अंजाम तक नहीं पहुंच पाई। इसे लेकर स्थानीय बाशिंदों में रोष व्याप्त है। स्थानीय निवासी पितांबर दत्त, सोहन लाल, सुदर्शन कुमार, कमलनाभ, कृष्ण चंद, मुरारी लाल, श्याम लाल, मोहन लाल, भीमदेव, हीरा सिंह और पुष्पराज का कहना है कि सरकार और प्रशासन रिवालसर झील के सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपये खर्च कर रही है। मगर निर्माण की गुणवत्ता की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इस कारण धन का दुरुपयोग हो रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में झील की परिक्रमा के लिए फुटपाथ का निर्माण किया गया था। मगर अब उसका नामोनिशान नहीं है। झील परिसर पर लगी सुरक्षा दीवार का मलबा झील में समा गया है। मगर उसे हटाने की जहमत नहीं उठाई गई है। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष बंशी लाल का कहना है कि क्षेत्र की अनेक योजनाओं को सरकार और जिला प्रशासन के समक्ष उठाया गया। मगर इनमें से कुछेक योजनाओं का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झील परिसर पर फुटपाथ का प्राक्कलन लोनिवि को भेज दिया गया है। उधर, लोनिवि उपमंडल रिवालसर के सहायक अभियंता केएस गुलेरिया का कहना है कि झील के किनारे फुटपाथ का निर्माण करवाया जाएगा। मगर जगह के अभाव के कारण फुटपाथ के लिए जमीन कम पड़ रही है। इसके बावजूद इसका प्राक्कलन तैयार कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
