
नूरपुर (कांगड़ा)। उपमंडलीय सिविल अस्पताल नूरपुर में स्वास्थ्य सुविधाएं रामभरोसे चल रही हैं। आलम यह है कि अस्पताल में बिजली की आपूर्ति ठप होने की सूरत में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा रही हैं। अस्पताल में जेनरेटर के अभाव के चलते एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। लैब समेत डेंटल ओपीडी भी ठप हो रही है। मरीजों को मजबूरन निजी लैब में एक्सरे और अन्य टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। सिविल अस्पताल में विद्युत आपूर्ति ठप होने पर डेंटल ओपीडी में इस्तेमाल होने वाले साजो-सामान और बिजली उपकरणों के अभाव में दंत रोगियों को भी निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है। आपातकालीन परिस्थितियों में बिजली गुल होने की सूरत में भी एक्सरे व लैब टेस्ट न होने के चलते तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जेनरेटर के अभाव के चलते ऑपरेशन थिएटर भी शोपीस बन जाता है। नूरपुर व इसके आसपास के फतेहपुर, गंगथ, इंदौरा, धमेटा, जवाली, सिहुंता, समोट, चुबाड़ी व कोटला से औसतन 500 मरीज रोजाना बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए नूरपुर अस्पताल का रुख करते हैं। रोगी कल्याण समिति में लाखों रुपये का बजट होने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने आज तक जेनरेटर लगवाना जरूरी नहीं समझा। अस्पताल के एसएमओ डा. एसके महाजन ने माना कि विद्युत आपूर्ति ठप होने की सूरत में मरीजों को परेशानी हो रही है। विभाग को इसके बारे में अवगत करवाया गया है। हालांकि, अस्पताल में पहले से एक छोटा जेनरेटर उपलब्ध है लेकिन उससे एक्सरे, डेंटल ओपीडी, लेबोरेटरी, ऑपरेशन थिएटर व लेबर रूम को विद्युत आपूर्ति मुमकिन नहीं है।
