गैस कनैक्शन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं

गैस कनैक्शन के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं

उच्चतम न्यायालय ने आज केन्द्र की यू.पी.ए. सरकार को करारा झटका देते हुए यह व्यवस्था दी कि नागरिकों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि जिन भारतीय नागरिकों के पास आधार कार्ड नहीं हैं उनको गैस कनैक्शन, बिजली और पानी कनैक्शन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाएगा।

न्यायमूर्ति वी.एस. चौहान और एस. न्यायमूर्ति एस.के. बोब्डे की खंडपीठ ने यह व्यवस्था दी है। खंडपीठ ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें नागरिकों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करवाने से पहले आधार कार्ड पेश करने के लिए बाध्य नहीं कर सकतीं। केन्द्र और विभिन्न राज्य सरकारों ने विवाह पंजीकरण, वेतन भुगतान और भविष्य निधि जैसी सार्वजनिक सेवाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करने पर जोर दिया था लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

खंडपीठ ने कहा कि आधार कार्ड शुद्ध रूप से ऐच्छिक होना चाहिए। खंडपीठ ने यह भी व्यवस्था दी कि आधार कार्ड अवैध प्रवासियों को जारी नहीं किया जाए। खंडपीठ ने यह व्यवस्था कर्नाटक उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश के.एस. पुत्तास्वामी की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दी। याचिकाकर्ता ने इस योजना को लागू करने पर रोक लगाने की मांग की थी। न्यायमूर्ति पुत्तास्वामी ने आधार कार्ड की वैद्यता को भी चुनौती दी है।

याचिकाकर्ता की दलील थी कि सरकार इस परियोजना को ऐच्छिक परियोजना करार दे रही है लेकिन वास्तविकता यह नहीं है। आधार कार्ड को विवाह पंजीकरण समेत कई जरूरी सेवाओं के लिए अनिवार्य किया जा रहा है जो उचित नहीं है। केन्द्र सरकार ने अपने जवाबी हल्फनामे में यह स्वीकार किया था कि आधार कार्ड परियोजना एक ऐच्छिक परियोजना है।

Related posts