
उत्तरकाशी। सड़क व सुरक्षा की मांग को लेकर जनसंगठनों के साझा मंच का धरना 27वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को हिमालय चिंतन मंच, उत्तरकाशी आपदा प्रबंधन जनमंच से जुड़े डेढ़ दर्जन स्वैच्छिक संगठनों के कार्यकर्ता धरने पर बैठे। धरनास्थल पहुंचे एसडीएम भटवाड़ी की आंदोलनकारियों ने एक नहीं सुनी। प्रशासन की ओर से धरातल पर ठोस कार्रवाई तो दूर सुरक्षा की कार्ययोजना का लिखित आश्वासन तक नहीं दिए जाने पर आंदोलनकारियों ने उन्हें बैरंग लौटा दिया।
शुक्रवार को राहत आयुक्त के आश्वासन के अनुसार प्रशासन को आज सिंचाई विभाग, जल विद्युत निगम द्वारा 173 करोड़ लागत से तैयार बाढ़ सुरक्षा की कार्ययोजना, डिजाइन व बजट की जानकारी मुहैया करानी थी। साझा मंच इस जानकारी के आधार पर योजना के क्रियान्वयन एवं निगरानी के लिए टीम गठित कर प्रशासन से सहयोग करने वाला था। शनिवार को सिंचाई विभाग का दो पन्नों वाला रफ डिजाइन पकड़ाकर डीएम ने साझा मंच को वार्ता के लिए बुलाया। मंच ने बिना डिजाइन और इसका अध्ययन करने से पहले वार्ता से इनकार कर दिया।
प्रशासन के गुमराह करने के तरीकों से क्षुब्ध जनसंगठनों ने धरना जारी रखने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ व भूस्खलन के खतरे की जद में आई आबादी की सुरक्षा, बदहाल सड़कों को चाकचौबंद करने से कम उन्हें मंजूर नहीं है। प्रशासन इन मुद्दों पर अभी तक जनता को आश्वस्त नहीं कर पाया है। इस मौके पर रणवीर राणा, संदीप उनियाल, द्वारिका सेमवाल, हरीश डंगवाल, शशिकांत सेमवाल, मुरारी सिंह पोखरियाल, सतीश सेमवाल, पदम जोशी, आनंद सिंह, चंद्रमोहन खंडूड़ी मौजूद थे।
