ठेका देने पर भी बच्चों से ढुलान

नौगांव (उत्तरकाशी)। खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से लोक शिक्षा केंद्रों की स्थापना के लिए भेजी जा रही सामग्री की गुणवत्ता के साथ ही ढुलान पर भी सवाल उठने लगे हैं। सामग्री ढुलान का ठेका देने पर भी स्कूली बच्चों से कराया जा रहा है।
गांवों में साक्षरता दर बढ़ाने के उद्देश्य से साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत विकासखंड की 113 ग्राम पंचायतों में स्थापित लोक शिक्षा केंद्रों के संचालन के लिए विभाग द्वारा अलमारी, दरी, कुर्सी, मेज, कैरम, ढोलक, हारमोनियम, बालीबाल आदि सामग्री भेजी जा रही है, किंतु कई शिक्षा प्रेरकों ने सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। शिक्षा प्रेरक संगठन के उपाध्यक्ष रमेश इंदवाण का कहना है लोक शिक्षा केंद्रों में भेजी जा रही गुणवत्ताविहीन सामग्री उपयोग करने लायक नहीं है, इसकी जांच होनी चाहिए। गातू के शिक्षा प्रेरक राजबीर रावत का कहना है कि उनके केंद्र की सामग्री को वाहन चालक ने गांव से करीब छह किमी दूर गातू में छोड़ दिया। छह किमी खच्चर ढुलान का भाड़ा कौन देगा इसलिए उन्होंने अभी तक सामग्री रिसीव नहीं की है। क्षेत्र पंचायत प्रमुख यशबंत कुमार ने सामग्री ढुलान प्रक्रिया पर नाराजगी जताकर जांच की मांग की है। उनका कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने उन्हें विश्वास में लिए बगैर सामग्री ढुलान का ठेका एक ग्राम प्रधान को दे दिया है। लेकिन इसके बावजूद भी सामग्री स्कूली बच्चों से ढुलाई जा रही है। इधर, ठेकेदार ग्राम प्रधान ओडगांव शंकर लाल का कहना है कि उनके साथ लिखित रूप में बात नहीं हुई है वह सिर्फ मौखिक रूप से सामग्री का ढुलान कर रहे हैं और 95 केंद्रों तक सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।

बच्चों से यदि सामग्री का ढुलान करवाया जा रहा है तो यह गलत है। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी से जवाब मांगा जाएगा। संबंधित स्कूलों के अध्यापकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। – एसपी सेमवाल, जिला शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी

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