
अल्मोड़ा। प्रदेश सरकार ने अल्मोड़ा तहसील का विभाजन कर धौलछीना को अलग तहसील का दर्जा देने का निर्णय लिया है। यह जिले की दसवीं तहसील होगी। शासन ने तहसील गठन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। नई तहसील का मुख्यालय धौलछीना में होगा। नई तहसील में अल्मोड़ा तहसील के 117 गांव शामिल किए गए हैं। गजट नोटिफिकेशन के साथ ही नई तहसील अस्तित्व में आ जाएगी।
राजस्व विभाग के सचिव भास्करानंद द्वारा तीन सितंबर को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राज्यपाल ने धौलछीना को अलग तहसील बनाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। अधिसूचना में कहा गया है कि गजट प्रकाशित होने के बाद नई तहसील अस्तित्व में आ जाएगी। धौलछीना तहसील में पेटशाल, चिराला, नैणई, पांडेतोली, पनुवानौला, पल्यूं, लिंगुड़ता, त्रिनैली, न्योली, डालाकोट, नाकोट, तोली आदि क्षेत्रों के कुल 117 गांव शामिल किए गए हैं। यह सभी गांव अब तक अल्मोड़ा तहसील के अंतर्गत थे। इनमें से कई गांव अल्मोड़ा जिला और तहसील मुख्यालय के निकट हैं। अधिसूचना में नव सृजित तहसील के कार्यालय और पदों के बारे में कुछ नहीं कहा गया है। उल्लेखनीय है कि अल्मोड़ा में अब तक अल्मोड़ा, रानीखेत, भिकियासैंण, द्वाराहाट, सोमेश्वर, चौखुटिया, सल्ट, जैंती, भनोली समेत कुल नौ तहसीलें हैं। धौलछीना दसवीं तहसील होगी।
एक एसडीएम के पास दो-दो तहसीलों का चार्ज
अल्मोड़ा। उत्तराखंड राज्य बनने से पहले जिले में सिर्फ अल्मोड़ा, रानीखेत और भिकियासैंण तीन तहसीलें ही अस्तित्व में थीं। राज्य बनने के बाद जिले में छह नई तहसीलों का गठन किया गया। इनमें जैंती, भनोली, सोमेश्वर, द्वाराहाट, सल्ट, चौखुटिया तहसीलें हैं। अधिकारियों की कमी के कारण वर्तमान में एक एसडीएम को दो-दो तहसीलों का चार्ज दिया गया है। द्वाराहाट, चौखुटिया और जैंती तहसीलों के भवन निर्माणाधीन हैं। अन्य तहसीलों के कार्यालय अपने भवनों में हैं।
