
जवाली (कांगड़ा)। एक तरफ तो प्रदेश सरकार ने क्रशर से रेता-बजरी को बाहरी राज्यों में ले जाने पर प्रतिबंध लगा रखा है। वहीं, पंजाब की सीमाओं के साथ सटे क्रशर मालिक चोरी-छिपे धड़ल्ले से बाहरी राज्यों को रेता-बजरी महंगे दामों पर बेच रहे हैं। ऐसे क्रशर मालिक प्रदेश सरकार के आदेशों की सरेआम उल्लंघना कर रहे हैं। इस कारण प्रदेश सरकार के दावों की पोल खुल रही है।
उधर, संबंधित विभाग ने भी कार्रवाई करने की बजाय आंखें मूंद रखी हैं। पंजाब की सीमा के साथ सटे इंदौरा, उल्लैहड़िया, डमटाल व कंडवाल के कई क्रशर सरेआम पंजाब को रेता-बजरी अपने टिप्परों में भरकर भेज रहे हैं। बताया जा रहा है कि सरकार के आदेशों के चलते बंद किए गए क्रशर भी चोरी छिपे रात के अंधेरे में अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं तथा डंप किया गया रेता-बजरी बाहरी राज्यों में भेज रहे हैं। सरकार व प्रशासन की आंखों में धूल झाेंकने के लिए दिन को तो क्रशर बंद रहते हैं, लेकिन अंधेरा होते ही अपने कार्य को अंजाम देने में जुट जा रहे हैं। एसडीएम नूरपुर अश्वनी सूद का कहना है कि फिलहाल उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं है और अगर कहीं ऐसा हो रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उधर, एसडीएम जवाली मोहन दत्त शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायत आने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि क्रशर मालिक बाहरी राज्यों में रेता-बजरी नहीं बेच सकते हैं और अगर कोई ऐसा कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, जिला खनन अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि पंजाब के साथ सटे कुछ क्रशरों को तो बंद करवा दिया गया है। लेकिन यदि इस तरह से कालाबाजारी हो रही है तो जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
