
पुणे: जनवरी 2012 में पुणे की सड़क पर अंधाधुंध बस चलाकर लोगों को रौंदने वाले स्टेट ट्रांसपोर्ट के ड्राइवर संतोष माने की फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
बतां दें कि, ड्राइवर संतोष माने ने चलती बस से उसने कइयों को कुचला था जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई थी। माने स्वारगेट बस डिपो से खाली बस लेकर भागा था उसने रास्ते में कई गाडिय़ों और लोगों को कुचला। पुलिस ने गोलियां चलाकर भी उसे रोकने की कोशिश की थी लेकिन फिर भी वह नहीं रुका।
आखिऱ में कुछ लोगों ने जांबाज़ी दिखाई। तब जाकर संतोष माने पकड़ में आया। सुनवाई के दौरान माने ने खुद को मानसिक तौर पर बीमार बताने की भी कोशिश की, लेकिन अदालत ने उस डॉक्टर को भी आड़े हाथों लिया जिसने माने की मेडिकल रिपोर्ट दी थी और कोर्ट ने उसे पांसी की सजा सुनाई थी।
