
शिमला। स्क्रब टायफस की चपेट में आकर जान गंवाने वालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार को एक और मरीज की स्क्रब टायफस से मौत हो गई है। मृतक दिलु राम (78) रामपुर के रहने वाले थे। दिलुराम एक सप्ताह से अस्पताल में दाखिल थे। बुधवार को स्क्रब टायफस से चौपाल के रहने वाले बुजुर्ग गुरुदयाल (74) की मौत हो गई थी।
स्क्रब टायफस की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। एक बेड पर दो दो मरीज रखे जा रहे हैं। अस्पताल में बिस्तर कम पड़ गए हैं। अस्पताल प्रबंधन के स्क्रब टायफस के आगे हाथ खड़े हो गए हैं। राज्य सरकार स्क्रब टायफस पर लगाम कसने के बजाए गहरी नींद में है। स्क्रब टायफस एक जीवाणु (रिकेटशिया) से संक्रमित पिस्सू (माइट) के काटने से फैलता है। जो खेतों, झाड़ियों तथा घास में रहने वाले चूहों में पनपता है। यह जीवाणु चमड़ी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और स्क्रब टायफस बुखार पैदा करता है। आईजीएमसी में स्क्रब टायफस से अब तक बारह मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं। वीरवार को स्क्रब टायफस के 11 नए मरीज आए हैं। स्क्रब टायफस के कुल मरीजों की संख्या 700 पार हो गई है। वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डा. रमेश ने स्क्रब टायफस से बुुजुर्ग की मौत होने की पुष्टि की है।
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लक्षण
तेज बुखार 104 से 105 तक जा सकता है
जोड़ों में दर्द तथा कंपकंपी के साथ बुखार
शरीर में ऐंठन, अकड़न या शरीर टूटा हुआ लगना
अधिक संक्रमण में गर्दन, बाजू के नीचे, कूल्हों के ऊपर गिल्टियां होना
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रोकथाम
शरीर में सफाई का ध्यान रखें
घर तथा आसपास के वातावरण को साफ रखें
घर के चारों ओर घास, खरपतवार नहीं उगने दें
घर और आसपास कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें
