
शिमला। हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम अपनी बसों में ई-टिकटिंग से सीट बुक करवाने या एडवांस बुकिंग पर 5 फीसदी की छूट देगा। ग्रुप बुकिंग पर टूअर एंड ट्रेवल एजेंसियों को भी 5 फीसदी की कमीशन दी जाएगी। यह फैसला परिवहन निगम निदेशक मंडल की बैठक में लिया गया। फैसलों की जानकारी परिवहन मंत्री जीएस बाली ने प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार एचआरटीसी के बेड़े में 1000 नई बसें जोड़ रही है। इनमें से 500 बसें अभी खरीदने का फैसला हुआ है। सभी बसें रेडीमेड खरीदी जाएंगी और इसके लिए टाटा तथा अशोका लेहलैंड से बातचीत जारी है। जिस एजेंसी का भी चयन होगा, उसे बसों की पहली खेप दिवाली से पहले देने को कहा जाएगा। निगम उम्र पूरी कर चुकी 12 डीलक्स बसों को रूट से हटा रहा है और इनके स्थान पर एसी डीलक्स बसें उतारी जाएंगी। उन्होंने जानकारी दी कि बस अड्डा प्रबंधन प्राधिकरण ने 12 नए बस अड्डे पीपीपी या बीओटी मोड में बनाने का फैसला लिया है। इनमें परवाणू, ढली, मनाली, बद्दी, लक्कड़ बाजार शिमला, नूरपुर, चंबा, कुल्लू, नालागढ़, मणिकर्ण शामिल हैं। पालमपुर और नाहन में कामर्शियल पार्किंग और डेवलपमेंट का काम होगा। इसके अलावा हमीरपुर और ऊना में पुरानी पार्टी को ही अंतिम चांस दिया गया है। इन सभी को लेकर राज्य सरकार एक्सप्रेशन आफ इंटरेस्ट जारी करेगी।
बस अड्डों की सारी भूमि की फेंसिंग की जाएगी और पुराने 9 अड्डों की मरम्मत के लिए 10 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह धनराशि रोहडू, नगरोटा, जयसिंहपुर, बड़सर, चामुंडा, लाहलूवाल, कोकसर, भरमौर और भावानगर में खर्च की जाएगी। एचआरटीसी के रूट और सामान्य कार्यप्रणाली की निगरानी के लिए नया साफ्टवेयर लागू किया गया है। घाटे के रूटों की समीक्षा और रूटों की ओवरलैपिंग चेक करने के लिए बीओडी के चार निदेशकों की अध्यक्षता में चार कमेटियां बनाई गई हैं। फंक्शनल पदों को भरने का फैसला भी बैठक में लिया गया। जीएस बाली के साथ एचआरटीसी के एमडी डा. आरएन बत्ता, विशेष सचिव वित्त राजेश शर्मा और एचआरटीसी के अफसर उपस्थित थे।
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जेएनएनयूआरएम में मांगी 1000 बसें
शिमला। परिवहन मंत्री ने बताया कि जेएनएनयूआरएम के तहत केंद्र से बसें लेने के लिए उन्होंने 13 कलस्टर बनाए हैं। ये रामपुर-जुब्बल कोटखाई, शिमला, बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर, धर्मशाला-कांगड़ा, पालमपुर-बैजनाथ, नूरपुर-जसूर आदि होंगे। इनके लिए केंद्र सरकार से 1000 बसें मांगी जा रही हैं। इसके अलावा ग्रामीण परिवहन के लिए 100 करोड़ का एक अतिरिक्त प्रोजेक्ट भारत सरकार को भेजा जा रहा है।
