
बड़कोट। कफनौल गांव में कच्ची शराब के खिलाफ अभियान चलाने गई आबकारी विभाग की टीम को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। मामला दो दिन पहले का बताया गया है। जैसे-तैसे कर्मचारी लौट पाए। आबकारी निरीक्षक पन्नालाल ने प्रशासन से ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आबकारी निरीक्षक ने बताया कि वह अपनी टीम के साथ गत सोमवार को कफनौल गांव में कच्ची शराब का धंधा करने वालों की धर-पकड़ के लिए कफनौल गांव गए थे। एक मीट की दुकान में छापा मार कर कच्ची शराब के साथ एक युवक को पकड़ लिया। तभी बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए और टीम का घेराव कर लिया। ग्राम प्रधान के घर पर सभी कर्मचारियों को बंधक बना लिया और उनकी मोटर साइकिल भी खड़ी कर ली। एसडीएम के संज्ञान में मामला आने बाद मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय पटवारी ने उन्हें छुड़ाया। आबकारी निरीक्षक ने प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की है।
इधर, एसडीएम देवमूर्ति यादव का कहना है कि राजस्व क्षेत्र के इस मामले की जांच थानाध्यक्ष बड़कोट सौंपी गई है। जबकि ग्राम प्रधान प्रतिमा देवी ने बंधक बनाने के आरोप को निराधार बताया। उनका कहना है कि पुरोला में हुई अधिवक्ता की पत्नी की हत्या के बाद से ग्रामीण भयभीत हैं। इसी को देखते हुए आबकारी निरीक्षक से परिचय पत्र दिखाने को हकहा गया था। इसके बाद उन्हें घर ले गए। टीम के किसी भी सदस्य को बंधक नहीं बनाया गया।
