
रानीखेत। बंदरों के आतंक से निजात पाने के लिए लोगों ने नायाब तरीका ईजाद किया है। लोगों ने नकली शेर और बाघ खरीदकर खेतों और छतों पर रखे हैं। इसे असली शेर समझकर बंदर भाग जा रहे हैं। इससे लोग अपनी सामग्री को नुकसान से बचाने में कामयाब हो रहे हैं। लोग हर रोज नकली बाघों को अलग-अलग जगह बैठाकर बंदरों को छका रहे हैं।
पूरे क्षेत्र में बंदरों का आतंक है। कई क्षेत्रों में बंदरों के आतंक के चलते लोगों ने खेतों में सब्जी आदि का उत्पादन तक बंद कर दिया है। शासन-प्रशासन से गुहार लगाते-लगाते लोग थक चुके हैं, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मालरोड निवासी नवीन कपिल ने बताया कि मालरोड क्षेत्र में बंदरों का अत्यधिक आतंक है। छत पर सुखाने के लिए गेहूं, बड़ी, मुंगोड़ी अथवा अन्य खाद्य सामग्री नहीं रख सकते हैं। इस पर उन्हें बंदरों से निजात पाने की तरकीब सूझी और वह तीन साल पहले हल्द्वानी से नकली बाघ खरीदकर ले आए। उन्होंने उस नकली बाघ को छत पर खाद्य सामग्री के आगे रख दिया। इस पर बंदर उसे असली बाघ समझकर भाग गए। उनकी देखादेखी सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई लोगों ने इस तरह के फंडे ईजाद किए हैं।
