
नगवाईं (मंडी)। एनएचपीसी के पार्वती परियोजना चरण-दो नगवाईं परिसर में आयोजित हिंदी पखवाड़ा संपन्न हो गया। समापन समारोह में परियोजना प्रभारी जेके शर्मा ने हिंदी पखवाड़े के उपलक्ष्य पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया।
जेके शर्मा ने कहा कि हिंदी भाषा की भारत को एक सूत्र में बांधने में अहम भूमिका रही है। संविधान निर्माताओं ने 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया। कहा कि राजभाषा हिंदी हमारी भावात्मक एकता की मजबूत कड़ी है। इसके सम्मान और गौरव की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। राजभाषा के कार्यान्वयन के लिए एनएचपीसी लिमिटेड को इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार योजना के प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने एनएचपीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक जी साई प्रसाद का संदेश पढ़ा। राजभाषा अधिकारी बलवान शर्मा ने कहा कि हिंदी न सिर्फ हमारी मातृभाषा है, बल्कि यह भारत की राजभाषा भी है। भारतीय संविधा के भाग 17 के अध्याय की धारा 343(1) में यह वर्णित है कि संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी। भू-विभाग प्रमुख शरद भटनागर ने गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की ओर से भेजा गया पत्र पढ़ा। श्रतु लेख प्रतियोगिता में लेखा अधिकारी मनीष कुमार शर्मा ने पहला स्थान हासिल किया। जबकि, इंजीनियर यांत्रिक राजेंद्र चंदू पुंडगे ने दूसरा तथा उप प्रबंधक पर्यावरण सौम्या पाढ़ी ने तीसरा स्थान हासिल किया। हिंदी नोटिंग और ड्राफ्टिंग प्रतियोगिता में इंजीनियर सिविल संजीव कुमार अनुरागी, उपप्रबंधक सिविल आदित्य कुमार ने दूसरा तथा सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनीत शेखर ने तीसरा, हिंदी शब्दावली प्रतियोगिता में आशुलिपिक बाबू लाल कुमावत ने पहला, वरिष्ठ पर्यवेक्षक उमेश साहू ने दूसरा, उप प्रबंधक अंशु मान दत्ता ने तीसरा, हिंदी निबंध लेखन में इंजीनियर सिविल नेहा गुप्ता ने पहला, जनसंपर्क अधिकारी डॉली सिंह ने दूसरा तथा कनिष्ठ इंजीनियर राहुल शर्मा ने तीसरे स्थान प्राप्त किया। टाइप लेखन में निजी सचिव बंसी लाल ने पहला, हेड सहायक देश राज ने दूसरा तथा इंजीनियर सिविल अमित रावत केशर ने तीसरा स्थान हासिल किया।
