
सरकाघाट/बलद्वाड़ा (मंडी)। मौसम में अचानक बदलाव से रविवार देर शाम जिला मंडी में तूफान व बारिश से मक्की, धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। अंधड़ के कारण मक्की व धान की फसल खेतों में बिछ गई। किसानों की मेहनत चौपट हो गई है। सरकाघाट उपमंडल में तूफान से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। बिजली की तारों पर पेड़ गिरने से सरकाघाट क्षेत्र में करीब 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही।
तूफान से व बारिश का मक्की व धान की फसल पर कहर बरपा। सोमवार सुबह जब किसानों ने खेतों में जाकर देखा तो उनके अरमानों पर पानी फिर गया था। बलद्वाड़ा क्षेत्र के समैला, कोट, नवाणी, तुला के अलावा सरकाघाट उपमंडल की अधिकतर पंचायतों में तूफान से फसलें बर्बाद हो गईं।
किसानों ध्यान सिंह, विधि चंद, बलवीर, डंडू राम, संजीव कुमार, सुरेश कुमार आदि ने कहा कि मक्की व धान की फसल तैयार होने वाली थी लेकिन तूफान व बारिश ने फसलों को तहस-नहस कर दिया। मक्की व धान खेतों में गिरी हुई है। यह सड़ जाएगी। हिमाचल किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष भूप चंद ठाकुर, प्रदेश सलाहकार जेसी ठाकुर, महामंत्री कश्मीर सिंह चौहान, रतन चंद राणा, अमर सिंह ने सरकार व प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
कृषि विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ एसआर पंत व कृषि विकास अधिकारी बलद्वाड़ा मनोहर वालिया ने बताया कि रविवार शाम को तूफान से मक्की व धान की फसल को काफी नुकसान होने की शिकायतें मिल रही हैं। नुकसान का जायजा लेकर सरकार को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
तूफान से बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से बलद्वाड़ा क्षेत्र के अलावा कौहण, करनोहल, कोट, गदोहल, सजाओपिपलू, निड्डी, डरवाड़, गरली, घरवासड़ा, रोसो, धनराशि आदि गांवों में पूरी रात बिजली गुल रही। करीब 18 घंटे के बाद बिजली की आपूर्ति बहाल हो पाई है। बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता ब्यास देव शर्मा ने कहा कि तूफान से कई स्थानों पर लाइन पर पेड़ गिरने के कारण बिजली की आपूर्ति बाधित रही।
