देहरा के 80 फीसदी गांवों में बत्ती गुल

देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। तूफान और बारिश के चलते विद्युत मंडल देहरा को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। करीब 80 फीसदी गांवों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। विद्युत मंडल देहरा के सभी 7 सब डिवीजनों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है। विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि सभी इलाकों में विद्युत आपूर्ति सामान्य करने में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है। बोर्ड को करीब 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
सोमवार को विद्युत बोर्ड देहरा के एक्सईएन और एसडीओ ने नुकसान का जायजा लेने के लिए कई इलाकों का दौरा किया। बोर्ड ने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी हैं। बोर्ड कर्मचारी सबसे पहले 33 केवी लाइन की पेट्रोलिंग करेंगे और जहां-जहां पर यह लाइन क्षतिग्रस्त होगी, उसकी मरम्मत करेंगे। उसके बाद 11 केवी लाइन की पेट्रोलिंग करके इसे ठीक किया जाएगा। इसके बाद गांवों को विद्युत आपूर्ति करने वाली एलएटी लाइनों की चेकिंग होगी। तूफान से सबसे ज्यादा 11 केवी और एलटी लाइन को नुकसान हुआ है। इसे ठीक करने में करीब एक हफ्ता लग सकता है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार अभी तक मात्र 40 फीसदी इलाके की पेट्रोलिंग हो पाई है। इसमें करीब 50-60 बिजली के खंभे टूटने की सूचना है। साथ ही इन पर गुजर रही तारें काफी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। अनुमान के अनुसार विद्युत मंडल देहरा में करीब 100-120 बिजली के खंभे टूटे हैं। इसके अलावा कई ट्रांसफार्मरों के खराब होने की सूचना है।
विद्युत मंडल देहरा के एक्सईएन प्रवीण धीमान ने माना कि भारी तूफान से विद्युत बोर्ड को काफी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर 33केवी, 11 केवी और एलटी लाइनों के क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने कहा अतिशीघ्र विद्युत आपूर्ति सामान्य करने में बोर्ड कर्मचारी युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। एक्सईएन ने लोगों से अपील की है लोग बोर्ड कर्मियों को बिजली आपर्ति सामान्य करने में सहयोग दें।

मक्की की फसल को भारी नुकसान
तूफान और बारिश से मक्की को फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मक्की की पूरी फसल खेतों में बिछ गई है। स्थानीय जयचंद, गोपाल चंद, रमेश चंद, करतार चंद, लश्कर सिंह, अशोक कुमार, बलदेव चंद और बंसी लाल ने बताया कि तूफान से उनकी फसल तबाह हो गई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि नुकसान का जायजा लेकर मुआवजा दिया जाए।

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