
बालीचौकी (मंडी)। उप तहसील बालीचौकी की ग्राम पंचायत सोमगाड़ में तीन साल बाद भी मनरेगा मजदूरों को भुगतान नहीं किया गया है। यहां मनरेगा के निर्धारित नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
मजदूरों ने वर्ष 2010 में मनरेगा के तहत कार्य किया था लेकिन उनको आज दिन तक भुगतान नहीं किया गया है। मनरेगा के तहत काम के 15 दिन के अंदर भुगतान किया जाना चाहिए।
ग्राम पंचायत के भनवास निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि मनरेगा मजदूर नैणू देवी तथा दुर्गा सिंह को मजदूरी का अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने अगस्त 2010 में मनरेगा के तहत जंगल का काम किया था मगर आज तक मजदूरी नहीं मिली है। कई बार पंचायत सचिव और प्रधान से इस विषय में बात की लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत प्रधान और सचिव भी मजदूरी भुगतान को लेकर टाल-मटोल कर रहे हैं। मजूदराें ने उनकी मजदूरी का भुगतान करने की मांग की है।
ग्राम पंचायत सोमगाड़ के सचिव दीनानाथ ने कहा कि इस विषय में जानकारी नहीं है। अगर इन लोगों ने मनरेगा के तहत वन विभाग में काम किया है तो इस विषय पर वन विभाग से बात कर जल्द मजदूरी का भुगतान किया जाएगा।
ग्राम पंचायत भनवास प्रधान बंती देवी ने कहा कि इन मजदूरों को अदायगी नहीं हुई है। स्थानीय वन रक्षक से बात की है। दो या तीन दिन के अंदर मजदूरी की अदायगी कर दी जाएगी।
