
छात्राओं ने बताया नेत्रदान का महत्व
नालागढ़ (सोलन)। लार्ड महावीरा कालेज ऑफ नर्सिंग में नेत्रदान के महत्व को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। स्वास्थ्य विभाग नालागढ़ के सौजन्य से राष्ट्रीय अंधता नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 28वें नेत्रदान पखवाड़े के तहत आयोजित इस शिविर में बीएमओ नालागढ़ डॉ. हरमोहिंदर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के चेयरमैन डॉ. अजीत पाल जैन ने की।
इस मौके पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में साक्षी ने पहला, कविता ने दूसरा और बबीता ने तीसरा स्थान झटका। छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने कहा कि कि आंखों का दान मृत्यु के उपरांत 6 से 8 घंटे के भीतर होना चाहिए। स्वास्थ्य शिक्षक शशीपाल ठाकुर ने कहा कि आंखें न तो खरीदी जाती हैं और न ही बेची जाती हैं। नेत्रदाता और प्राप्तकर्ता के नाम गुप्त रखे जाते हैं। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, दमा, क्षयरोग और मोतिया का आपरेशन करवाने वाले व्यक्ति भी नेत्रदान कर सकते हैं।
इस मौके पर चेयरमैन डॉ. अजीत पाल जैन ने स्वास्थ्य विभाग का इस शिविर के आयोजन पर आभार जताया और कहा कि ऐसे जागरूकता शिविरों का भविष्य में भी आयोजन किया जाना चाहिए। इस मौके पर लार्ड महावीरा कालेज आफ नर्सिंग के प्राचार्य चित्रावल, उप-प्राचार्य चंद्रलेखा, स्वास्थ्य शिक्षक शशीपाल ठाकुर, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक कमला चौहान, स्वास्थ्य कार्यकर्ता सीमा ठाकुर सहित प्रशिक्षु नर्सों में अर्चना आनंद, शैलजा, मेनका, चेतना शर्मा, अनामिका कुराल, बबीता, तनुजा, मोनिका शर्मा, गीता चौधरी, मंजूबाला, नीतिका, नीलम, नेहा, रचना शर्मा, निधि, नेहा ठाकुर, शिखा चंबियाल, पूजा राठौर, नवनीत, प्रीति और भारती आदि मौजूद रही।
