
मंडी। सीटू से संबंध मिड-डे-मील वर्कर यूनियन ने अपनी मांगों को लेकर शनिवार को मंडी में विशाल रैली निकाली। इसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ऐतिहासिक पड्डल मैदान से सेरी मंच तक विशाल रैली निकाल कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके साथ ही मिड डे मील वर्करों का दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मेलन भी शुरू हो गया है।
सेरी मंच पर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता सीटू राज्य महासचिव डा. कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार कभी भी मिड-डे-मील वर्करों की मांगों और समस्याओं के समाधान के बारे में सकारात्मक नहीं है। पूरा दिन स्कूल में कार्य कार्य करने वाले वर्करों को मानदेय के नाम पर मात्र एक हजार रुपये मासिक दिया जा रहा है। इसमें कोई मिड-डे-मील वर्कर अपना परिवार नहीं पाल सकता। कहा कि इस शोषण के खिलाफ संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि यदि मिड-डे-मील वर्करों की मांगों पर अमल नहीं किया गया तो आगामी 12 नवंबर को शिमला में आज तक के सबसे बड़े जन प्रदर्शन में प्रदेश भर के हजारों वर्कर शामिल होंगे। इस अवसर पर सीटू राज्य अध्यक्ष जगत राम ने कहा कि मिड-डे-मील वर्करों को न्यूनतम 4500 रुपये मासिक मानदेय दिया जाए। दस वर्ष पूरा करने वालों सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। उन्हें पेंशन और अन्य लाभ दिये जाएं। वर्करों को सभी प्रकार की छुट्टियाें के अलावा कैजुअल लीव, सिक लीव, अर्जित अवकाश भी दिए जाएं। राज्य सम्मेलन की उपाध्यक्ष प्रेम गौतम, सम्मेलन स्वागत समिति के अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज, यूनियन के राज्य प्रधान छबी राम, महासचिव हंस राज, उपाध्यक्ष कांता महंत, भूपेंद्र सिंह, राजेश शर्मा, परस राम, भूपेंद्र सिंह, राजेश शर्मा आदि ने सभा सम्बोधित किया।
