
‘हिंदू धर्म से नफरत करना ये इस्लाम नहीं कहता, मस्जिद की दीवारें तोड़ो ये राम नहीं कहता’। शुक्रवार को सैकड़ों लोगों के मोबाइल में यह एसएमएस आया। एसएमएस भेजने वाले का नाम है राहत अंसारी।
मुजफ्फरनगर में जिस दिन से दंगे भड़के हैं ज्वालापुर के यह जनाब मोबाइल से दोनों समुदाय के लोगों को संदेश भेजकर शांति की अपील कर रहे हैं।
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इनके भेजे संदेशों की एक और बानगी देखिए ‘मजहब के नाम पर नफरत फैलाने वाले कौम और समाज के ही नहीं बल्कि देश के भी दुश्मन हैं।
रोज 150-200 लोगों को SMS
इनसे सावधान रहना हम सब का फर्ज है’। रोज 150-200 लोगों को अमन-चैन के संदेश भेजने को राहत अंसारी ने अपनी दिनचर्या में शामिल किया हुआ है।
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इनके एसएमएस में गीता के श्लोक और वेद की ऋचाएं भी शामिल हैं। उनके भेजे एसएमएस पढ़कर कई हिंदु भाई भी प्रभावित हुए हैं। शांतिकुंज के संस्थापक श्रीराम शर्मा आचार्य के उपदेशों का भी यह प्रचार कर रहे हैं।
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इनकी भी सुनिए
हम सब पहले मनुष्य हैं। मानवता के नाते शांति का संदेश देना हमारा पहला धर्म है। हिंदू भाईयों को गीता, वेद और श्रीराम शर्मा आचार्य से जुड़े संदेश भेजने के लिए इन पवित्र ग्रंथों का अध्ययन करता हूं। मेरे घर पर गीता भी है और वेद भी। मुजफ्फरनगर के सैकड़ों लोगों को एसएमएस के माध्यम से शांति का संदेश भेज चुका हूं।
