साधक पहनेंगे ‘जेल’ के कपड़े

हरिद्वार। जिन हाथों ने संगीन जुर्म किए वह हाथ साधकों के लिए कपड़ा बुन रहे हैं। इस बात पर आपको यकीन न हो लेकिन यह सच है। कैदियों के हुनर के कायल शांतिकुंज ने जिला जेल को कपड़ा तैयार करने का आर्डर दिया है। यहां से तैयार कपड़ा देश भर में फैले गायत्री साधक पहनेंगे।
जनपद मुख्यालय स्थित जिला जेल में प्रदेश भर से सजायाफ्ता कैदी सजा काट रहे हैं। इस समय इन्हें कपड़ा, दरी बुनने के अलावा सिलाई, कढ़ाई का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद यह कैदी जेल में ही कपड़ा बुनाई का काम भी करते हैं। यहां से तैयार माल की गुणवत्ता से प्रभावित होकर शांतिकुंज परिवार ने कैदियों से अपने साधकों के लिए कपड़ा तैयार करवाने की इच्छा जताई थी। पहली खेप में करीब एक हजार मीटर कपड़ा बनाने का जिम्मा शांतिकुंज ने जिला जेल को सौंपा। पिछले एक माह से इस पर जोरों से काम किया जा रहा है। तैयार कपड़े का सैंपल देख शांतिकुंज गदगद है। शांतिकुंज प्रबंधक ने आर्डर जल्द पूरा करने के लिए जेल प्रशासन से निवेदन किया है।

अन्य जेलों में भी होती है आपूर्ति
प्रदेश की सभी जेलों में बंद कैदी और विचाराधीन बंदियों के लिए हरिद्वार जेल में सूती वस्त्र तैयार किए जाते हैं। बुनाई से लेकर सिलाई तक का काम जेल में किया जा रहा है। मांग के अनुसार दूसरी जेलों में तैयार माल सप्लाई किया जाता है।

कालीन भी कर रहे तैयार
रेशम और जूट आदि की कालीन के विकल्प के तौर पर वजूद में आई ऊन की कालीन को भी जेल में तैयार किया जा रहा है। फिलहाल यह काम कैदी, पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कर रहे हैं। जल्द जेल प्रशासन इसकी मार्केटिंग करेगा।

शांतिकुंज ने अपने साधकों के लिए कपड़ा तैयार कराने का आर्डर दिया है। कैदी कपड़ा बुनने में जुटे हुए हैं। अगला आर्डर मिलने की भी संभावना जताई जा रही है।
महेंद्र सिंह ग्वाल, जेल अधीक्षक, हरिद्वार।

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