पैसे खत्म, सेब खरीद पर लगा ‘ग्रहण’

उत्तरकाशी। समर्थन मूल्य पर सेब खरीद की सरकारी योजना चार कदम चल कर ही हांफ गई। बजट की कमी बताकर गढ़वाल मंडल विकास निगम ने उपला टकनौर क्षेत्र से 3150 क्विंटल सेब खरीदने के बाद हाथ खड़े कर दिए हैं। काश्तकारों का कहना है कि अभी महज पांच फीसदी सेब ही खरीदा गया है। पेड़ों से तोड़ा गया करीब डेढ़ सौ क्विंटल सेब बगीचों में ही बर्बाद होने की स्थिति में है।
जून माह की आपदा में अवरुद्ध हुए गंगोत्री हाईवे पर यातायात बहाल न होने से उपला टकनौर क्षेत्र से सेब मंडियों तक पहुंचाने का संकट खड़ा हो गया था। सरकार ने 30 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य पर सेब खरीदने की घोषणा की थी जिस पर 26-27 अगस्त से गढ़वाल मंडल विकास निगम ने खरीद शुरू कर दी थी। सोमवार को काश्तकार जब खरीद केंद्रों पर पहुंचे तो वहां मौजूद निगम कर्मचारियों ने बजट की कमी बताकर सेब खरीदने से इंकार कर दिया। इस पर नाराज काश्तकारों ने तोड़े गए सेब के खराब होने की बात कहकर विरोध किया तो टूटा सेब खरीदने पर निगम राजी हुआ।
निगम के इस रवैये से काश्तकार स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि डेढ़ सौ क्विंटल से अधिक सेब पेड़ों से तोड़कर बगीचों में रखा हुआ है। अकेले सुक्की गांव में किसानों ने नौ सौ बैग सेब खरीद केंद्र के बाहर तथा बगीचों में रखे हैं।

वायदे के मुताबिक सेब खरीदे सरकार
उत्तरकाशी। धराली गांव के सतेंद्र, दुर्गेश, धनपाल, महेश, मुखबा के खुशाल सिंह नेगी, हर्षिल के डा.नागेंद्र सिंह, झाला के अतर सिंह, हरिचंद, सुक्की के मोहन सिंह आदि काश्तकारों का कहना है कि बीते दिनों काबीना मंत्री प्रीतम सिंह और संसदीय सचिव विजयपाल सजवाण ने सेब खरीद के लिए पैसे की कमी न होने तथा सड़क खुलने तक खरीद जारी रखने का भरोसा दिलाया था। अब बजट का अभाव बताकर सेब खरीदने से इंकार कर रहा है। उन्होंने सरकार से 15 अक्तूबर तक सेब खरीद करने की मांग की है। मांग पूरी न होने पर सेब काश्तकार आंदोलन करेंगे।

कोट……….
सेब और आलू की खरीद के लिए एक-एक करोड़ का बजट मिला है। उपला टकनौर से 3150 क्विंटल सेब तथा जिले से 49 क्विंटल आलू खरीदा जा चुका है। फिलहाल तो हम बगीचों में तोड़कर एकत्र सेब खरीद रहे हैं, लेकिन काश्तकार दो-चार दिन सेब का तुड़ान न करें। बजट स्वीकृति के बाद शेष सेब खरीदा जाएगा।
धनंजय असवाल, सहायक महाप्रबंधक गढ़वाल मंडल विकास निगम।

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