
शिमला। निजी विश्वविद्यालय लेट फीस के नाम पर छात्रों से लूट नहीं कर सकेंगे। राज्य सरकार ने सभी निजी विश्वविद्यालयों को लेट फीस के मामले में नए निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें निजी विश्वविद्यालय लेट फीस के मामले में ज्यादा से ज्यादा कुल देय राशि का एक फीसदी ही चार्ज कर सकेगा। पंद्रह दिन तक फीस में देरी होने पर लेट फीस देय फीस का .5 फीसदी ही होगा।
एक महीना या इससे ज्यादा समय होने पर भी एक फीसदी से ज्यादा की वसूली नहीं हो सकेगी। निजी विश्वविद्यालयों में छात्रों से लेट फीस और पेनल्टी के नाम पर हजारों रुपये वसूलने की शिकायत सरकार के पास आ रही थी। एबीवीपी ने भी कई मर्तबा इस मुद्दे को सरकार और नियामक आयोग के समक्ष रखा।
शिकायत पर ही एक निजी विश्वविद्यालय को छात्रों से वसूली गई फीस को लौटना भी पड़ा है। अब सरकार की ओर से नए निर्देशों के बाद साफ हो गया है कि एक फीसदी से ज्यादा लेट फीस कोई भी निजी विवि नहीं ले सकेगा। छात्रों पर किसी भी तरह की पेनल्टी लगाने का निजी विवि को कोई अधिकार नहीं होगा। निर्देशों के बावजूद कोताही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई होगी। प्रधान सचिव शिक्षा की ओर से सभी निजी विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को इसके निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एबीवीपी के प्रांत सचिव अजय ठाकुर और सह प्रांतमंत्री राहुल पराशर ने सरकार के फैसले का स्वागत किया।
