
धर्मपुर (मंडी)। राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ कालेज में प्रवक्ताओं के कई पद खाली पड़े हैं, वहीं कालेज में सिलेबस की किताबें भी उपलब्ध नहीं हैं। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए दो माह बीत चुके हैं, लेकिन कुछ विषयों का अभी तक एक पीरियड नहीं लग पाया है। विद्यार्थियों को चिंता है कि नवंबर माह में होने वाली परीक्षा को कैसे पास करेंगे। धर्मपुर महाविद्यालय में इस बार विद्यार्थियों की संख्या करीब 250 है।
धर्मपुर कालेज में अंग्रेजी, हिंदी, राजनीतिक शास्त्र और संस्कृत विषय के प्रवक्ताओं के पद खाली हैं। इस बार महाविद्यालयों में रूसा प्रणाली के तहत कार्य हो रहा है। जिसमें विद्यार्थियों के समय-समय पर टेस्ट होंगे तथा नवंबर माह में परीक्षा होगी। कालेज में न तो स्टाफ है और न ही बच्चों को किताबें मिल रही है। बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक खासे परेशान हैं।
अभिभावक नेकराम, जगदीश चंद, बिहारी लाल, रूप लाल, श्याम सिंह, मेघ सिंह, पवन कुमार, बेलीराम, राजकुमार, बजीर चंद इत्यादि ने सरकार से तुरंत रिक्त पदों को भरने की मांग की है।
प्राचार्य डा. एनएस चंदेल का कहना है कि महाविद्यालय में रिक्त पदों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दे दी है। उन्होंने माना कि रिक्त पदों के कारण बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है और कुछ ऐसे विषय हैं जिनकी अभी तक पढ़ाई भी शुरू नहीं हो पाई है।
