
मंडी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मंडी शहर में सरकारी भूमि से हटाए गए अवैध कब्जों की वजह से बेघर हुए भूमिहीन परिवारों को अब सरकार घर बनाकर देने जा रही है। आठ बेघर परिवारों को घर बनाने का राज्य सरकार ने निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने इस बाबत भूमि का चयन भी कर लिया है। मंडी नगर परिषद की ओर से ऐसे आठ परिवारों को चयनित किया है। जिनके सर पर अब छत नहीं है। इनमें से 6 परिवार जहां आरक्षित वर्ग से संबंधित हैं, वहीं दो परिवार सामान्य वर्ग के हैं। जिला प्रशासन ने इस बाबत योजना का प्रारूप बना कर प्र्रदेश सरकार को भेज दिया है। मंडी शहर में उच्च न्यायालय के आदेश पर सरकारी भूमि पर बने 22 अवैध कब्जों को गिरा दिया गया था। इसमें से कई ऐसे गरीब परिवार भी थे, जिनके पास अवैध कब्जे गिराने के बाद सर छुपाने के लिए जगह नहीं थी। वहीं, इन परिवारों के पास नया घर बनाने के लिए भूमि भी नहीं थी। उस समय भी इस मामले को कई संगठनों ने उठाया था और मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री के ध्यान में भी लाया गया। जिस पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने एडीसी मंडी और कार्यकारी अधिकारी मंडी को शिमला बुला कर ऐसे परिवारों की सूची तैयार करने के आदेश दिए थे। नगर परिषद ने ऐसे आठ परिवारों को चयनित कर लिया है। इधर, मंडी नप के कार्यकारी अधिकारी केएल ठाकुर का कहना है कि सरकार के आदेशों के बाद ऐसे आठ लोगों को चयनित किया गया है। इस बारे में सूची बना कर जिला प्रशासन को सौंप दी गई है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के आदेशों के बाद भूमि का चयन प्रशासन ने कर लिया है। सरकार से अगले आदेश मिलते ही इस बाबत आगामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
-गोपाल चंद, एडीसी मंडी
