गोवध के आरोपियों को तीन साल की सजा

हरिद्वार। गोवध संरक्षण अधिनियम में दोषी ठहराए गए तीन लोगों को न्यायालय ने तीन-तीन वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन अधिकारी राजू विश्नोई ने बताया कि दस अगस्त 2004 को मुखबिर की सूचना पर ज्वालापुर थाना के एसआई कृष्णपाल सिंह और रोहताश ने पुलिस टीम के साथ ग्राम भारापुर में नूर अहमद के बाग पर छापा मारा था। इस दौरान मौके से चार आरोपी महबूब, अरसद, अख्तर और मुजाहिद को मौके पर गोवध करते हुए पकड़ा था। मौके से करीब दस अन्य व्यक्ति फरार हो गए थे। जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में जाहिद, मकबूब निवासी बडेढ़ी राजपूतान, अरशद, जाहिर हसन, नफीस निवासी ग्राम मरगूबपुर दीदाहेडी, निसार अहमद, रहीस, उस्मान निवासी भारापुर थाना ज्वालापुर पुलिस के खिलाफ गौवंश संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र दाखिल किए थे। दोनों पक्षों के साक्ष्यों को सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमणि राय ने महबूब पुत्र हनीफ, अख्तर पुत्र कल्लू, मुजाहिद पुत्र वसीद को आरोपी पाते हुए तीन-तीन वर्ष का कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही जाहिद, मकबूल, जाहिर हसन, नफीस, निसार अहमद, रहीस और उस्मान को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। आरोपी अरसद को किशोर होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई थी।

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