
शिमला। संदिग्ध निष्ठा वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की जानकारी सूचना के अधिकार के तहत नहीं मिल सकती है। स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो से आरटीआई के तहत ऑफिसर्स ऑफ डाउटफुल इंटीग्रिटी (ओडीआई) की सूचना मांगी गई। विजिलेंस ने आरटीआई एक्ट की धारा 8(1)(एच) का हवाला देते हुए कहा कि उक्त धारा के तहत संदिग्ध निष्ठा वाले व्यक्तियों की सूचना को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। विजिलेंस के अनुसार उनके पास जो ओडीआई लिस्ट में सूचीबद्ध होते हैं वे स्वत: ही उनकी जांच के दायरे में आ जाते हैं। उन पर हर वक्त निगरानी रखते हैं। पुख्ता सूचना के आधार पर इन्हें कभी भी ट्रैप किया जा सकता है। ओडीआई की सूचना को आरटीआई के तहत सार्वजनिक करने से ट्रैप केस प्रभावित होने के साथ-साथ जांच पर भी असर पड़ता है। नाम का खुलासा होने से अधिकारी व कर्मचारी विशेष सचेत हो जाते हैं और वे विजिलेंस की पकड़ से बाहर हो सकते हैं। विजिलेंस के अनुसार एक्ट की उक्त धारा में भी इन्हें कारणों के मद्देनजर आरटीआई के तहत सूचना देने पर रोक लगाई है। एसपी विजिलेंस एवं जन सूचना अधिकारी गुरुदेव ने बताया ने स्पष्ट किया है कि आरटीआई एक्ट के तहत ओडीआई लिस्ट से संबंधित जानकारी नहीं दी जा सकती।
