
उत्तरकाशी। अभी तक सेब के खेतों में ही सड़ने की स्थिति बन रही थी लेकिन पैकेजिंग के संसाध नहीं होने से गढ़वाल मंडल विकास निगम की ओर से ारीदा गया सेब गोदामों में ही सड़ने के कगार पर पहुंच गया है।
निगम हर्षिल, बगोरी तथा छोलमी के लिए बने एक ही खरीद केंद्र में 60 मिट्रिक सेब की खरीद कर चुका है। शेष धराली, मुखबा, सुक्की, झाला तथा जसपुर पुराली के खरीद केंद्रों से 120 मिट्रिक टन सेब खरीदे गए हैं। क्षेत्र के पांच खरीद केंद्राें के लिए बनाए गोदामों में पैकिंग का सामान न मिलने से गोदाम के फर्श पर रखा सेब सड़ने की स्थिति से निगम के अधिकारी भारी घाटे की आशंका से परेशान है। दूसरी ओर समर्थन मूल्य में वृद्घि की सरकार की घोषणा का शासनादेश अभी तक नहीं पहुंचने से भी खरीद प्रभावित हो रही है। दूसरी और आलू की खरीद में अभी तक तेजी नहीं आई ळै इसका प्रमुख कारण किसानों की ओर से आलू के खेतो में बोई हुई घास को अभी तक नहीं काटा जाना है। करीब आठ दस दिन बाद घास काटने के बाद आलू निकालने की प्रक्रिया तेज होगी।
निगम ने 26 अगस्त से जिस अगेती सेब प्रजाति की खरीद की है, वह गोदामों में सड़ने लगा है। सरकारी फरमान के अनुसार सेब की खरीद जारी रखी है, किंतु पैकिंग सामग्री के आभाव में गोदाम के फर्श पर लगाए ढेर में सेब सड़ने लगे है। अभी गंगोत्री हाईवे पर शीघ्र यातायात शुरू होने की संभावना नहीं है। आलू खरीद केंद्र खाली पड़े हैं। एक गांव से ही कुछ आलू खरीदे गए।
आरएन.जोशी, आरएम जीएमवीएन
