
बिलासपुर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंजगाईं की जमा एक (मेडिकल) छात्रा नैंसी शर्मा ने वरिष्ठ माध्यमिक कन्या पाठशाला बिलासपुर में आयोजित साइंस इंस्पायर एग्जीबिशन में नैंसी ने वैज्ञानिक युग में एक ऐसा मॉडल तैयार किया है। जो पॉलीथिन और थर्मोकोल को पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना नष्ट कर देगा। पॉलीथिन न जलेगा, न दबेगा, न ही बहाया जाएगा और छूमंतर हो जाएगा। खास यह है कि इससे जो जलरोधी पदार्थ तैयार किया गया है, वह कई कार्यों में प्रयोग किया जा सकेगा। रसायन विधि से तैयार यह मॉडल अव्वल घोषित हुआ है। सोलन में होने वाली राज्य स्तर की स्पर्धा में इसे स्थान भी मिल गया है।
नैंसी शर्मा ने यह मॉडल शिक्षक नंद किशोर शर्मा और कुसुम लता के मार्ग दर्शन में तैयार किया है। वर्ष 2011-12 में भी उपरोक्त शिक्षकों के मार्गदर्शन में निशांत शर्मा और पीयूष गौतम के ग्लोबल वार्मिग और आपदा प्रबंधन विषय पर बने मॉडल राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित हुए थे। पीयूष को दस हजार रुपये का इंस्पायर अवार्ड मिलने के अलावा महामहिम राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मुलाकात का भी मौका मिला। इस साल नैंसी द्वारा बनाए गए मॉडल में रसायनिक विधि द्वारा थर्मोकोल और पॉलीथिन को को पर्यावरण पर इसके दुष्प्रभाव से प्रदूषणमुक्त करने के लिए बिना जलाए, बिना दबाए और बहाए नष्ट करने के तरीके सुझाए गए हैं। शिक्षक नंद किशोर बताते हैं कि यह एक रसायनिक विधि है। नैंसी ने एक जलरोधी यंत्र बनाया है जो प्लाइवुड, सनमाइका चिपकाने, महत्वपूर्ण दस्तावेज, पेंटिंग, चित्र और लकड़ी को आवर्णित करने, टाइल मारबल फर्श और धर की छतों पर आई दरारों को भरने, वॉशवेशन और पानी की पाइपों की लिकेज को बंद करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। विज्ञान शिक्षक नंद किशोर की मानें तो इससे पर्यावरण को पॉलीथिन से पहुंचने वाले नुकसान से मुक्ति मिल सकेगी।
