आंगनबाड़ी वर्करों से अन्याय कर रही सरकार

मंडी। सीटू से संबंद्ध आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर यूनियन का जिला सम्मेलन विश्वकर्मा मंदिर मंडी में आयोजित किया गया। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य मजदूरों की मांगों पर विचार-विमर्श किया गया।
सम्मेलन का उद्घाटन आंगनबाड़ी यूनियन की राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और राज्य महासचिव सरोज शर्मा ने किया। सम्मेलन में सबसे पहले शोक प्रस्ताव रखा गया। जिसमें सीटू के नेताओं की मृत्यु और यूनियन की राज्य प्रधान इंदिरा ठाकुर के पति की स्क्रब टाइफस से हुई मौत पर दो मिनट का मौन रखा गया।
राज्य महासचिव सरोज शर्मा ने कहा कि आज केंद्र और राज्य की सरकारें मजदूर विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं। श्रम कानूनों का उल्लंघन किया जा रहा है। मजदूरों को मिलने वाली सामाजिक सुविधाओं में कटौती की जा रही है। महंगाई निरंतर बढ़ रही है और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का पिछले 38 साल से कम मानदेय देकर शोषण किया जा रहा है। 25 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा। 12 दिसंबर को संसद घेराव किया जाएगा।
सीटू के राज्य उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस और भाजपा की सरकारें महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की बातें करती हैं, दूसरी तरफ महिलाओं को न्यूनतम वेतन भी नहीं दे रही हैं। आंगनबाड़ी में कार्यरत 36 हजार महिला कार्यकर्ताओं को अभी भी 110 रुपये दिहाड़ी दी जा रही है। सरकारी कर्मचारियों को पंजाब के बराबर वेतन दिया जा रहा है, वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पंजाब के बराबर पांच हजार और तीन हजार मानदेय से भी वंचित रखा गया।
यूनियन की जिला प्रधान सुमित्रा ठाकुर ने सरकार और विभाग की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में दिया जाने वाला आहार जो पहले विभाग क्रय करके देता था, अब कार्यकर्ताओं को अपने मानदेय से ही खरीदने के आदेश दिए हैं। इसका यूनियन विरोध करेगी। जिला सचिव राजकुमारी ने संगठन की गतिविधियाें की रिपोर्ट रखी और अक्तूबर माह तक सभी सर्कलों में यूनियन कमेटियां गठित करने का निर्णय लिया। सम्मेलन में जिला कमेटी का गठन किया गया। 25 सदस्यीय कार्यकारिणी चुनी गई। जिसमें सुमित्रा ठाकुर को प्रधान, उपप्रधान छम्मा देवी, हिमाचली, कृष्ण, प्रतिभा, ललित, सचिव राजकुमारी, सह सचिव मजुंला, भावना, शीला, माया देवी और कोषाध्यक्ष हमिंद्री को चुना गया।

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