
मंडी। विश्व साक्षरता दिवस के दिन शहर के ऐतिहासिक सेरी मंच पर अपने बच्चों के साथ जादूगरी का खेल दिखाना एक व्यक्ति को महंगा पड़ा। चाइल्ड लाइन मंडी ने बच्चों का शोषण करने पर जादूगरी का पेशा करने वाले व्यक्ति को पुलिस के हवाले किया।
विश्व साक्षरता दिवस पर जहां सभी लोग जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा मुहैया करवाने की पहल कर रहे थे। वहीं, शहर के सेरी मंच पर एक व्यक्ति अपने नन्हे बच्चों के साथ जादूगरी का खेल दिखा कर दर्शकों का मनोरंजन कर रहा था। शहर में जादू का खेल दिखाने के लिए नन्हे मुन्ने बच्चे चाकू की धार से मरने का डरावना जादू दिखाने लगे। इस जादू के खेल में सांप को भी शामिल किया गया है। इस दौरान एक युवक ने चाइल्ड लाइन मुंबई को इसकी सूचना दी। जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए चाइल्ड लाइन मंडी ने पुलिस की सहायता से जादू का यह खेल बंद करवाया और जादूगर को पुलिस चौकी में ले आए। पड़ताल से पता चला कि जादूगर दिलशाद बिना पंजीकरण के नन्हे बच्चों के साथ तरह-तरह के करतब दिखाता है। दिलशाद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि इस खेल में दस साल से कम आयु वाले बच्चे ही काम कर सकते हैं। तीन बच्चे उसके साथ यह खेल करते हैं। जिससे उसके परिवार की रोजी रोटी चलती है। सिटी पुलिस चौकी के प्रभारी चेत सिंह भंगालिया ने बताया कि जादूगर का रजिस्ट्रेशन कर दिया गया है। चाइल्ड लाइन और पुलिस जवान ने दिलशाद को परामर्श देकर भेज दिया है।
