
हरिद्वार। आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से लगातार धमकी मिलने के बावजूद हरिद्वार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा को लेकर रेलवे संजीदा नहीं है। रेलवे के कई कैमरे खराब हैं। यही नहीं जीआरपी की लिखित शिकायत पर भी रेलवे सीसीटीवी कैमरे दुरुस्त नहीं करा रहा है। नतीजतन कैमरे काम नहीं करने पर स्टेशन से चार माह का बच्चा चोरी होने के बाद पुलिस एक बार फिर हाथ मलती रह गई।
हरिद्वार रेलवे स्टेशन अधीक्षक को कई बार लश्कर-ए-तैयबा के एरिया कमांडर करीम अंसारी से धमकी भरे पत्र मिल चुके हैं। ए-वन श्रेणी का रेलवे स्टेशन होने के नाते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। लेकिन, सभी खतरों को दरकिनार कर रेलवे नींद में है। स्टेशन पर रेलवे पुलिस फोर्स ने 22 कैमरे अलग-अलग प्वाइंट पर लगाए हैं। इनमें कई कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। इससे निगहबानी में दिक्कत हो रही है। यही कारण है कि आएदिन रेलवे स्टेशन पर चोरी की वारदातें हो रही हैं। जीआरपी थानाध्यक्ष जहावर सिंह राठौर, स्टेशन अधीक्षक, आरपीएफ प्रभारी के अलावा डीआरएम को पूर्व में कैमरे ठीक कराने पर पत्र लिख चुके हैं। लेकिन, पत्राचार के बाद भी स्थिति जस की तस रही। मंगलवार रात रेलवे स्टेशन परिसर से चार माह का बच्चा चोरी होने के बाद जब पुलिस आरपीएफ से सीसीटीवी फुटेज मांगने गई तो आरपीएफ ने हाथ खड़े कर दिए। फुटेज नहीं मिलने से बच्चा चोर का भी सुराग नहीं मिल पाया। आरपीएफ और रेलवे की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
