
धारचूला (पिथौरागढ़)। अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में गोठी के आपदा प्रभावितों ने नेशनल हाइवे को पांच घंटे तक जाम कर दिया। आपदा प्रभावित गोठी में नदी किनारे अब तक तटबंध न बनने से नाराज हैं। जाम खुलवाने पहुंचे एसडीएम को आपदा प्रभावितों ने खूब खरीखोटी सुनाई। प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद जाम खुला।
किसान महासभा के जिला संयोजक जगत मर्तोलिया के नेतृत्व में गोठी पहुंचे लोगों ने सुबह नौ बजे राष्ट्रीय राजमार्ग में जाम लगा दिया। चक्काजाम की चेतावनी को देखते हुए गोठी में भारी पुलिस बल तैनात था लेकिन आपदा प्रभावितों की संख्या और तेवरों को देखते हुए पुलिस, प्रशासन ने संयम बरतने में ही भलाई समझी। लोगों का कहना था कि प्रशासन ने बलुवाकोट, धारचूला में तटबंध बनाने का काम किया लेकिन गोठी में तटबंध नहीं बनाए गए। गोठी में 18 मकान बह गए थे। नदी से लगातार हो रहे कटाव से कई घर और जमीन नदी में समाने को तैयार है, प्रशासन और सरकार गोठी के लोगों की सुध नहीं ले रही है।
महासभा नेता मर्तोलिया का कहना था कि प्रशासन सकारात्मक रुख नहीं अपना रहा है। विधायक के दबाव में काम किया जा रहा है। एडीएम ने बुधवार को वार्ता का समय दिया था, वार्ता नहीं की अन्यथा चक्काजाम टल सकता था। एसडीएम प्रमोद कुमार ने लिखित में दिया कि तटबंध का 21.72 करोड़ का स्टीमेट शासन को गया है। 50 लाख के टेंडर हुए हैं, जल्द काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद दोपहर दो बजे जाम खुला। प्रभावितों ने एक माह के भीतर काम शुरू नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
