
चंपावत। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का ढोल पीटने वाली प्रदेश सरकार ने राजकीय बालिका इंटर कालेजों की क्या गत रखी है यह देखने वाली बात है। चंपावत जिला मुख्यालय में स्थित राजकीय कन्या इंटर कालेज में वर्षों से प्रधानाचार्य का पद रिक्त है। मात्र तीन प्रवक्ताओं के सहारे इंटर कक्षाओं का संचालन हो रहा है।
इस विद्यालय में 700 छात्राएं अध्ययनरत हैं। बताया गया है कि शासन ने जब से स्थानांतरण और नियुक्ति के लिए सुगम तथा दुर्गम को आधार माना तब से सुगम स्थानों पर स्थित विद्यालयों में शिक्षकों की कमी होने लग गई। अभिभावक इस मामले में कई बार आंदोलन का रास्ता अपना चुके हैं लेकिन अधिकारी शासन की पालिसी का हवाला देकर चुप हो जाते हैं। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य केके भारद्वाज के अनुसार विद्यालय में लंबे समय से प्रधानाचार्य का पद खाली है। प्रवक्ताओं के दस पद स्वीकृत हैं लेकिन इस समय सात पद रिक्त हैं। सहायक अध्यापकों के तीन पद खाली हैं। दफ्तरी के पद पर लंबे समय से तैनाती ही नहीं हुई। हिंदी, गणित, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान विषय को पढ़ाने के लिए प्रवक्ता नियुक्त नहीं किए गए हैं।
शिक्षक अभिभावक संघ के अध्यक्ष दिनेश नाथ गोस्वामी का कहना है कि स्टाफ की कमी से पठन पाठन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी दीपेंद्र चौधरी को ज्ञापन देकर सारी स्थिति बताई है। डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी डीसी गौड़ से कहा है कि तत्काल रिक्त पदों की जानकारी शासन को दें।
