
धर्मशाला। हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच ने मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। मंच ने चेताया है कि अगर उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया तो संघर्ष और तेज कर दिया जाएहा। वीरवार को मंच के सदस्यों ने मांगों को मनवाने के लिए जिला मुख्यालय में रैली का आयोजन किया। इसके बाद अध्यक्ष बलराम पुरी की अध्यक्षता में एक ज्ञापन परिवहन मंत्री जीएस बाली के माध्यम से सीएम वीरभद्र सिंह को भेजा। इसमें मांग की गई कि पेंशनरों की मांगों का निपटारा जल्द से जल्द किया जाए।
पुरी ने बताया कि हिमाचल पथ परिवहन निगम के पेंशनर एवं सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी अपनी मांगों का निपटारा तुरंत चाहते हैं। बार-बार मांग करने पर भी मांगों पर सरकार गौर नहीं कर रही है। इससे पेंशनर अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पेंशनरों को हर माह की पहली तारीख को ही पेंशन की अदायगी हो। पेंशनरों को बकाया महंगाई भत्तेे का एरियर 1 जुलाई 2010 से 31 मार्च 2011 तक 35 प्रतिशत से 45 प्रतिशत, प्रथम जनवरी 2011 से अगस्त 2011 तक का 51 प्रतिशत से 58 प्रतिशत, प्रथम जुलाई 2011 से 31 अप्रैल 2012 एवं प्रथम जुलाई 2012 से 31 दिसंबर 2012 तक का 65 प्रतिशत से 75 प्रतिशत का भुगतान शीघ्र किया जाए। उन्होंने कहा कि 400 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंडिंग पेंशन पीपीओ को तत्काल जारी करवाई जाए और उनके देय लाभाें का भुगतान शीघ्र किया जाए। उन्होंने कहा कि 9 हजार कर्मचारी पेंशन के लिए पात्र हैं, जिनमें से अभी तक लगभग 3600 कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। 31 मार्च 2014 तक लगभग 4500 कर्मचारी सेवानिवृत्त होकर पेंशन सुविधा के लिए मात्र हो जाएंगे। 1-1-2006 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को रिवाइज पेंशन के समस्त लाभ 1-4-2013 से दिए जाएं। पेंशनरों को भी पेंशन भुगतान के समय-समय पर मिलने वाले सभी आर्थिक लाभ सरकार के पेंशनरों के सामान प्रदान किए जाएं।
बारिश में भी जारी रखी नारेबाजी
उपायुक्त कार्यालय से पेंशनरों ने रैली का आयोजन किया तो इसी दौरान तेज बारिश शुरू हो गई। इस दौरान भी परिवहन के पेंशनरों ने रैली में नारेबाजी जारी रखी।
मांगें न मानीं तो उग्र होगा आंदोलन
मंच के महामंत्री कुलदीप गुलेरिया ने बताया कि मांगों को लेकर लड़ाई जारी रहेगी। जल्द ही सरकार ने मांगों को नहीं माना तो मंच अपना संघर्ष तेज कर देगा। अभी तक शांतिपूर्वक तरीके से मांगें मनवाई जा रही है।
