खेतों में खुदान से बनी ‘मौत की खान’

रुड़की/कलियर। बेलड़ा गांव में एक अखाड़े की जमीन से मिट्टी खुदान के नाम पर बड़ा खेल हुआ। अनुमति तीन फीट तक खुदान की थी, लेकिन यहां 20 फीट तक खुदाई कर जगह-जगह मौत के गड्ढे बना दिए गए। करीब एक किलोमीटर के दायरे में अनुमति से कई गुना ज्यादा खुदाई कर राजस्व का चूना लगाया गया। महीनों तक यह गोरखधंधा चलता रहा, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई। खुदाई से बने एक गड्ढे में दो किशोरों की मौत के बाद इस काले कारनामे का खुलासा हुआ।
रुड़की शहर से सटे बेलड़ा गांव के पीछे मंगलवार शाम को दो किशोरों की गड्ढे में भरे पानी में डूबने से मौत हो गई थी। किशोरों की मौत के बाद जब मौके पर लोग जुटे तो सबकी आंखें खुली रह गईं। क्षेत्र में सैकड़ों बीघा जमीन को 15 से 20 फीट तक खोदा गया था। जानकारी के अनुसार, हाईवे चौड़ीकरण में लगी एक कंपनी ने जिला प्रशासन से अखाड़े की जमीन से मिट्टी खुदान की अनुमति ली थी। कंपनी को करीब ढाई लाख घनमीटर मिट्टी उठान की अनुमति प्रशासन की तरफ से दी गई। प्रशासन ने मिट्टी उठान की अनुमति तो दी, लेकिन कभी मौके पर पहुंचकर जांच की जहमत नहीं उठाई। अनुमति तीन फीट की थी, लेकिन यहां करीब एक किलोमीटर लंबाई के दायरे में 15 से 20 फीट तक जमीन को खोदा गया। कंपनी ने ढाई लाख घनमीटर के बजाय कई लाख घनमीटर मिट्टी उठाई। अब सवाल उठता है कि महीनों तक चले खुदान के खेल की जानकारी तहसील के अधिकारियों को क्यों नहीं लगी? या फिर जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। दो किशोरों की मौत नहीं होती तो शायद अब तक भी यह मामला सामने नहीं आ पाता।

भट्ठा मालिकों ने भी बिना अनुमति उठाई मिट्टी
कंपनी के खुदाई करने के बाद इसी जमीन से ईंट भट्ठा मालिकों ने भी बिना अनुमति मिट्टी का उठान किया। सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने जनवरी तक ही मिट्टी का खुदान किया। इसके बाद आसपास के ईंट भट्ठा मालिकों ने बिना अनुमति के मिट्टी का खुदान और उठान किया। जून महीने में प्रशासन की तरफ से खनन के खिलाफ सख्ती होने के बाद ही यहां खनन रुका।

किसानों की जमीन पर मंडराया खतरा
खुदान वाली जमीन से लगे किसानों के खेतों पर संकट मंडराने लगा है। बताया जा रहा है कि पहले अखाड़े और किसानों की जमीन बराबर थी। अखाड़े की जमीन की खुदाई होने के बाद किसानों की जमीन ढांग पर खड़ी हो गई। इस जमीन से सैकड़ों किसानों के खेत लगे हुए हैं। अब किसानों की जमीन बारिश से कटने लगी है। इतना ही नहीं किसानों को अपने खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।

ग्रामीण बोले
पहले हमारे खेत बराबर थे, अब 15 से 20 फीट ऊंचे हो गए हैं। खेतों के किनारे कट रहे और सिंचाई करने पर पानी सीधे नीचे उतर जाता है।
– कलीराम, बेलड़ा

मिट्टी खुदान के समय अधिकारियों ने ध्यान दिया होता तो यह स्थिति नहीं होती। अब गांव के बच्चों के लिए खतरा पैदा हो गया है।
– शहजाद अली, बेलड़ा

यह पूरा खेल अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ है। अब ग्रामीण अपने बच्चों के जीवन को लेकर चिंतित हैं।
– जुल्फकार, बेलड़ा

गांव वाले चौबीस घंटे बच्चों पर नजर रख रहे हैं। लेकिन यह कब तक हो पाएगा। गड्ढों को भरने का काम किया जाना चाहिए।
– जहूर, बेलड़ा

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