आपदा ने लीली 13 हेक्टेयर वन भूमि

कर्णप्रयाग। जून में आपदा से जनपद चमोली और रुद्रप्रयाग में वन विभाग के केदारनाथ और बदरीनाथ वन प्रभाग को साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। दोनों प्रभागों के 285 किमी पैदल रास्ते ध्वस्त पड़े हैं, जबकि 45 आवासीय/अनावासीय भवन क्षतिग्रस्त हैं। इनकी मरम्मत के लिए इस्टीमेट शासन को भेजा गया है।
जलप्रलय से केदारनाथ वन प्रभाग के गौरीकुंड क्षेत्र में 13 हेक्टेयर वन भूमि पूरी तरह से नष्ट हो गई। रामबाड़ा में प्रमुख भवन, चौकी, वायरलैंस सेंटर तबाह हो चुके हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार केदारघाटी और जनपद चमोली में 165 किमी पैदल रास्ते, आठ संपर्क मार्ग, चार पुलिया ध्वस्त हुए हैं। इन संपत्ति की मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए प्रभागीय स्तर से उत्तराखंड शासन को दो करोड़, 16 लाख, 38 हजार का इस्टीमेट भेज दिया है। वहीं बदरीनाथ वन प्रभाग के पांच भवन, 277 किमी पैदल रास्ते, दो पेेयजल लाइनें और दो पुलिया पूर्णरूप से नष्ट हुई है।

केदारनाथ वन प्रभाग को हुए नुकसान
क्षतिग्रस्त योजना मरम्मत को भेजा इस्टीमेट
40 सरकारी भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त 1 करोड़
01 पेयजल लाइन 50 हजार
02 पौधशालाएं 02 लाख
160 किमी पैदल रास्ते 63 लाख रुपया
08 संपर्क मार्ग 20 लाख

बदरीनाथ वन प्रभाग को हुआ नुकसान
क्षतिग्रस्त योजना मरम्मत को भेजा इस्टीमेट
277 किमी पैदल रास्ते 132.782 रुपये
दो पुलिया 1.156 रुपये
पांच भवन 5.20 लाख
दो पेयजल लाइनें 1.05 लाख

गौरीकुंड क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ है। प्रभागीय भवनों के साथ ही वन क्षेत्र और रास्ते पूर्णरूप से खत्म हो चुके हैं। शासन को नुकसान का इस्टीमेट भेजा जा चुका है।
– एके वर्मा, डीएफओ केदारनाथ वन प्रभाग चमोली (गोपेश्वर)

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