
धर्मशाला। कराधान विभाग के अधिकारियों के साथ मारपीट व जब्त गाड़ी को छुड़ा ले जाने के मामले की सोमवार को कोर्ट में सुनवाई होगी। धर्मशाला कोर्ट इस मामले में कोई अहम फैसला ले सकता है। पांच दिनों की तलाश के बाद भी खाली हाथ धर्मशाला पुलिस भी कोर्ट के आदेशों के इंतजार में है। वहीं जानकारी के अनुसार आरोपियों ने कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दे दी है। सोमवार को कोर्ट में आरोपियों की जमानत पर भी फैसला हो सकता है। लेकिन पुलिस द्वारा लगाई गई धाराओं को देखा जाए तो आरोपियों को जमानत मिलना संभव नहीं है।
हालांकि रविवार को पुलिस ने मारपीट के दौरान इस्तेमाल की गई आल्टो गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया। लेकिन पांच दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके हैं। उल्लेखनीय है कि बुधवार को कुछ लोगों ने एक्साइज विभाग के अधिकारियों का रास्ता रोककर उनसे गाली-गलौज व मारपीट की तथा अधिकारियों द्वारा जब्त वाहन को छुड़ाकर ले गए थे। इस पर विभागीय अधिकारियों ने धर्मशाला पुलिस थाना में मामले की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। वहीं एसएचओ धर्मशाला देशराज चंदरोटिया का कहना है कि मारपीट में इस्तेमाल गाड़ी को कब्जे में ले लिया गया है। जबकि आरोपी अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला कोर्ट में आज इस मामले पर सुनवाई होगी।
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पुलिस कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह
वहीं कराधान विभाग के ईटीओ तारा चंद ठाकुर व अन्य अधिकारियों का कहना है कि पुलिस के रवैये को देखकर उसकी कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है। उन्होंने कहा कि पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। जबकि हादसे के दिन पांच मिनट में ही वह पुलिस थाना पहुंच गए थे। लेकिन पुलिस ने तत्काल कोई कार्रवाई करना जरूरी नहीं समझी। उनका कहना है कि यदि पुलिस तभी चौकसी बरतती तो आरोपियों को पकड़ा जा सकता था। उन्होंने पुलिस उच्चाधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
