दूषित पानी से बढ़ रहीं हैं त्वचा, पेट की बीमारियां

उत्तरकाशी। दूषित पानी के सेवन से भटवाड़ी क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण त्वचा और पेट की बीमारियों से ग्रसित हैं। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है।
विश्वनाथ पूर्व सैनिक कल्याण समिति, टाटा रिलीफ फाउंडेशन, अपोलो अस्पताल चेन्नई सहित विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं द्वारा 18 से 22 अगस्त तक भटवाड़ी में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शनिवार को उत्तरकाशी में पत्रकारों से बातचीत में विश्वनाथ पूर्व सैनिक कल्याण समिति के संरक्षक मेजर आरएस जमनाल ने बताया कि शिविर में 2398 मरीजों का परीक्षण कर दवाइयां वितरित की गईं, जिसमें 668 बच्चे शामिल हैं। जांच में सबसे अधिक मरीज त्वचा रोग तथा पेट रोग के पहुंचे। उन्होंने बताया कि इसकी मुख्य वजह दूषित पानी का सेवन है। इसके अलावा 11 ट्यूमर व सिस्ट की सर्जरी करने के साथ ही 138 मरीजों के लैब टेस्ट भी किए गए। कई महिलाआें में खून की कमी पाई गई। मरीजाें का परीक्षण अपोलो अस्पताल चेन्नई के विशेषज्ञ डाक्टर श्रीप्रिया रंजन, डा. ज्योति शंकर, डा. जयश्री, डा. रेड्डी, डा. अमित गुप्ता व स्थानीय डाक्टर दिनेश कुमार ने किया। इस मौके पर कैप्टन लक्ष्मण सिंह नेगी, हरीश सेमवाल, गोपाल थपलियाल, प्रमोद पैन्यूली, मुरारी सिंह, विजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

26 गांवों के ग्रामीणों ने लिया स्वास्थ्य लाभ
उत्तरकाशी।
जून माह से अगल-थलग पड़े भटवाड़ी क्षेत्र के लोगों ने स्वयं सेवी संस्थाआें के इस स्वास्थ्य शिविर की सराहना की। शिविर में भटवाडी, मल्ला, कुमाल्टी, रैथल, नटीन, बंद्राणी, क्यार्क, बार्सू, सालू, सौरा सहित 26 गांवों के ग्रामीण पहुंचे। मेजर आरएस जमनाल ने बातया कि जल्द ही इसी तरह का शिविर मनेरी में भी आयोजित किया जाएगा।

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