खटाई में सेब, आलू खरीदने की योजना

उत्तरकाशी। समर्थन मूल्य पर गढ़वाल मंडल विकास निगम के माध्यम से अलग-थलग पड़े क्षेत्रों के काश्तकारों से सेब, आलू खरीद की योजना खटाई में पड़ती नजर आ रही है। कहीं आलू के खेतों में अभी कुट्टू की फसल खड़ी है तो कहीं जाड़ों में मवेशियों को जीवित रखने के लिए चारा। सेब की खरीद में निगम की ग्रेडिंग करके डेलीसस प्रजाति के सेब खरीदने की शर्त से गुस्साए हर्षिल क्षेत्र के काश्तकारों ने तो निगम के उद्यान विभाग परिसर में खोले गए केंद्र से बैनर हटाकर वहां पहुंचे राहत आयुक्त के समक्ष विरोध दर्ज कराया।
उपला टकनौर क्षेत्र में सेब की अगेती फसल बर्बाद हो गयी। जोनाथन आदि प्रजाति के जो सेब पेड़ों पर मौजूद हैं, निगम उन्हें ग्रेडिंग किए बिना लेने को तैयार नहीं। पछेती डेलीसस सेब की फसल किसान 20 रुपये किलो की दर से बेचने को राजी नहीं हैं। ऐसे में अभी तक निगम समर्थन मूल्य पर किसानों से एक किलो सेब भी नहीं खरीद पाया है।
सेब, आलू खरीद के लिए उत्तरकाशी में डेरा डाले निगम के सहायक महाप्रबंधक धनंजय असवाल तथा क्षेत्रीय प्रबंधक एपी.जोशी स्वीकारते हैं कि अभी तक उन्हें खरीद केंद्रों पर सेब व आलू नहीं मिल पाये हैं। उन्होंने कहा कि हम लोगों को यह भरोसा दिला रहे हैं कि निगम उनकी फसल बर्बाद नहीं होने देगा तथा निर्धारित दाम पर सेब व आलू की खरीद की जाएगी।

इस दाम पर तो नहीं बेचेंगे सेब
उत्तरकाशी। हर्षिल के प्रधान राजीव रावत, बगोरी के हीरालाल तथा जागरूक काश्तकार डा. नागेंद्र रावत ने क्षेत्र में पहुंचे राहत आयुक्त श्रीधर बाबू अद्दांकी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि निगम ग्रेडिंग शुदा डेलीसस प्रजाति का सेब 20 रुपये किलो की दर से खरीदने की बात कर रहा है। ऐसे में हमें उन्हें सेब नहीं बेचना है। सरकार मदद देना चाहती है तो हमें सेब के लिए पेटियां दे तथा गंगोत्री हाईवे को एक माह के भीतर यातायात लायक तैयार कर दे।

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