
सरकाघाट (मंडी)। उपमंडल की राजकीय वमापा चोलथरा से एक साथ छह कर्मचारियों का तबादला होने से लोगों में रोष है। इन कर्मचारियों में प्रधानाचार्य सहित तीन शिक्षक भी शामिल हैं। स्कूल से एक साथ आधा दर्जन कर्मचारियों का तबादला होने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस मामले को राजनीतिक आधार से भी देख रहे हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि सभी तबादले प्रशासकीय आधार पर ही हुए हैं। मगर कयास लगाए जा रहे हैं कि स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल में भाजपा समर्थित सांसद और विधायक को झंडा फहराने की अनुमति देना उक्त कर्मचारियों पर भारी पड़ा है।
स्कूल से एक साथ जिन शिक्षकों के तबादले हुए हैं, उनमें प्रधानाचार्य रमेश ठाकुर, प्रवक्ता हिंदी सुरेश कुमार, प्रवक्ता वाणिज्य नरेश कुमार, टीजीटी आर्ट्स अमीना कुमारी और प्रयोगशाला सहायक रमेश कुमार एवं रमेश चंद शामिल हैं। स्कूल अध्यापकों के तबादले से स्थानीय जनता में आक्रोश है। उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूल प्रबंधन ने प्रशासन और उच्च अधिकारियाें के कहने पर ही सांसद और विधायक को झंडा फहराने की अनुमति दी थी। स्कूल में तीन दशकों से स्वतंत्रता दिवस के दिन राष्ट्रीय ध्वज समारोह आयोजित किया जाता रहा है। इस बार भी इस परंपरा को निभाया गया। सांसद और विधायक को एसडीएम और उपायुक्त के हस्तक्षेप पर स्कूल प्रबंधन ने इसकी अनुमति दी थी। अब स्कूल के आधा दर्जन कर्मचारियों पर तबादले की गाज गिर गई है। पुख्ता सूत्रों से पता चला है कि ये सभी तबादले एक कांग्रेसी नेता के कहने पर किए गए हैं। स्थानीय लोगों प्रवीण वर्मा, ग्राम पंचायत चोलथरा उपप्रधान प्रवीण बंधू, पूर्व प्रधान भाग सिंह, चमन लाल, एडवोकेट उमेश कुमार, विशाल आदि ने इस पर आपत्ति जताई है। वहीं, स्कूल प्रधानाचार्य रमेश ठाकुर का कहना है कि उन्हाेंने उच्च अधिकारियों के आदेशों की ही अनुपालना की है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान स्कूल में कोई राजनीतिक चर्चा भी नहीं हुई है। उन्होंने अपने तथा अन्य स्टाफ के तबादले होने की पुष्टि की है। उधर, इस बारे उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी का कहना है कि प्रशासकीय आधार पर ही तबादले हुए हैं।
