
लक्सर। खनन माफिया का दुस्साहस बढ़ता ही जा रहा है। अवैध खनन रोकने को छापेमारी करने वाली टीम पर एक के बाद एक हमले हो रहे हैं। लेकिन प्रशासन हर बार माफिया के सामने घुटने टेकते नजर आता है। अगर पहले की घटनाओं पर लीपापोती के बजाय सख्त रवैया अपनाया जाता तो शायद माफिया सरकारी कर्मचारियों पर हमले जैसी गुस्ताखी न करता।
लक्सर क्षेत्र में तहसील के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों पर खनन माफिया का हमला कोई नई बात नहीं है। पुराने हमलों को छोड़ भी दिया जाए तो करीब एक महीने के भीतर हमले की यह तीसरी घटना है। 29 जुलाई की रात को भिक्कमपुर क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गए तहसीलदार धनप्रकाश शर्मा पर ट्रैक्टर ट्राली चढ़ाने की कोशिश की गई। रात के समय हुई इस घटना की जानकारी अधिकारियों और प्रेस को तहसीलदार ने खुद दी थी। उच्च अधिकारी पहले तो एसडीएम की रिपोर्ट नहीं मिलने का हवाला देकर पल्ला झाड़ते रहे। बाद में अधिकारियों ने कहा कि तहसीलदार ने खुद लिखकर दिया है कि उन पर कोई हमला नहीं हुआ है। अब सवाल उठता है कि आखिर तहसीलदार के सुर क्यों बदले? माना जा रहा है कि दबाव के चलते उन्हें अपना बयान बदलना पड़ा। यदि तहसीलदार हमले की बात करते तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करना मजबूरी हो जाती। इसी तरह पथरी क्षेत्र में 20 दिन पहले हरिद्वार के तहसीलदार पर भी हमले की कोशिश की गई। इस मामले में भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उच्च अधिकारियों की चुप्पी के चलते ही माफिया बेखौफ हो रहा है। जानकारी के अनुसार, उच्च अधिकारी सफेदपोशों के दबाव में आकर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करते। कार्रवाई न होने से माफिया निचले अधिकारियों और कर्मचारियों पर भारी पड़ जाते हैं।
कोट…
शिकायत आने पर प्रशासन गंभीरता से कानूनी कार्रवाई करता है। अवैध खनन और हमला करने वाले चाहे जितनी ऊंची पहुंच के हों सब के खिलाफ कार्रवाई होगी। अब छापामार टीम के साथ पुलिस भी भेजी जाएगी।
– निधि पांडे, डीएम हरिद्वार
पुलिस की तरफ से कोई कोताही नहीं बरती जाती है, प्रशासन की तरफ से जब भी रिपोर्ट दर्ज करवाई जाती है तो कार्रवाई होती है। अब खनन और हमला करने वालों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस नेताओं के दबाव में काम नहीं करेगी।
