
नाचनी (पिथौरागढ़)। 16, 17 जून की तबाही के बाद से कोटा, पंद्रपाला, मलौन गांवों की 1800 की आबादी पीने के पानी के लिए तरस रही है पर पेयजल निगम के अधिकारियों को पानी की योजना ध्वस्त होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
16, 17 जून के जलप्रलय ने 8 किमी लंबी चिफलुवा पेयजल योजना का स्रोत ही बह गया था। उक्त गांवों के साथ ही ग्वालखेत, पातलथौड़, कमदा, जीआईसी कोटापंद्रपाला, प्राथमिक स्कूल कमदा, जूनियर हाईस्कूल कोटा में पानी की सप्लाई ठप है। लोग दो किलोमीटर दूर से पानी का ढुलान कर रहे हैं। इलाके में बीमारियां फैलने लगी हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य गोविंद पवार, ग्राम प्रधान गोविंदी दानू, इंद्रा देवी, सामाजिक कार्यकर्ता खड़क सिंह सुयाल कहते हैं कि पेयजल निगम ने पेयजल सप्लाई शुरू करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए हैं। इलाके में पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। इस संबंध में पेयजल निगम डीडीहाट के अधिशासी अभियंता रंजीत धर्मशक्तू का कहना है कि आपके द्वारा ही पेयजल स्रोत ध्वस्त होने की जानकारी मिल रही है। तुरंत स्रोत मरम्मत कर पानी की सप्लाई बहाल की जाएगी।
