सिल्ट और कीचड़ से पटा है कालेज प्रांगण

कर्णप्रयाग। राजकीय महाविद्यालय में आपदा के दो माह बाद भी व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ पाई है। मुख्य रास्ता क्षतिग्रस्त होने की वजह से छात्र-छात्राएं और स्टाफ को दूसरे मार्ग से परिसर पहुंचना पड़ रहा है। वहीं प्रांगण में अब भी सिल्ट और कीचड़ जमा हो रखा है। कालेज प्रशासन ने निदेशालय के माध्यम से शासन को सुधार कार्य के लिए एक करोड़, 55 लाख, नौ हजार का इस्टीमेट भेजा है।
कर्णप्रयाग-पोखरी मोटर मार्ग पर स्थित राजकीय महाविद्यालय का मुख्य रास्ता दो स्थानों पर आपदा की भेंट चढ़ चुका है। रास्ता टूटने के साथ ही अंदर से भी पूरी तरह खोखला हो चुका है। खतरे को देखते हुए मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ है। प्रशासनिक भवन की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हुई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर अध्यक्ष पंकज कुमेड़ी, भानु पुरोहित ने कालेज प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए शीघ्र टूटे रास्ते की मरम्मत और परिसर से सिल्ट साफ कराने की मांग की है।

आपदा से महाविद्यालय में हुए नुकसान की मरम्मत के लिए यूपी निर्माण निगम द्वारा तैयार किए गए एक करोड़, 55 लाख, नौ हजार का इस्टीमेट निदेशालय के माध्यम से शासन को भेजा गया है। स्वीकृति और धन मिलने पर ही काम हो पाएंगे।

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