एक सितंबर से खातों में सब्सिडी

धर्मशाला। जिला कांगड़ा में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) के लिए प्रस्तावित डीबीटी योजना (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) एक सितंबर से लागू हो जाएगी। इस योजना के लागू होने से एलपीजी खाताधारकों के बैंक खातों में उपदान की राशि हस्तांतरित होना आरंभ हो जाएगी। वहीं प्रशासन ने जिन उपभोक्ताओं के अभी आधार कार्ड नहीं बन पाए हैं, उन्हें बड़ी राहत दी है। जिन्होंने आधार के लिए आवेदन किया है, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
उपायुक्त सी पालरासू ने शुक्रवार को स्थानीय डीआरडीए सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि इस योजना के लागू होने से एलपीजी वितरण में पारदर्शिता आएगी तथा विगत में हो रही कालाबाजारी को रोकने में मदद मिलेगी। इस योजना का लाभ उसी व्यक्ति को मिलेगा जिसके नाम पर गैस कनेक्शन होगा। लेकिन इसके लिए आधार कार्ड एवं बैंक में खाता होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति का आधार कार्ड नहीं बना होगा और अगर उसने आवेदन किया है तो भी वह इस योजना का लाभ उठा सकता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति ने यह सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं और किसी वजह से संबंधित एजेंसियों में तालमेल स्थापित नहीं हो पाता है। तो ऐसे व्यक्ति को 30 नवंबर तक चलने वाली कृपावधि में यह सिलेंडर 445 रुपये में ही प्राप्त होगा। शेष अन्य को यह सिलेंडर पूरे मूल्य पर ही प्राप्त होगा और उपदान की राशि उसके खाते में चली जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि अगर किसी परिवार का बैंक खाता संयुक्त है तो यह राशि प्रथम नामधारक को हस्तांतरित की जाएगी। परंतु उसके नाम एलपीजी कनेक्शन और आधार कार्ड होना अनिवार्य है। इस योजना के प्रचार के लिए सभी संबद्ध एजेंसियों में विज्ञापन लगाए जाएंगे तथा अन्य प्रचार माध्यमों का प्रयोग किया जाएगा। सभी बैंक अधिकारी इस योजना के नोडल अधिकारी होंगे। किसी विसंगति की स्थिति में ये अधिकारी स्थानीय एसडीएम के साथ संपर्क कर सकते हैं।

ये रहे मौजूद
बैठक में अन्यों के अतिरिक्त एडीसी रोहन ठाकुर, एलडीएम पीएनबी आरएस रोहिल, डीआरडीए के उप निदेशक कुलतार राणा, डीएफएससी बलवंत, एफएसओ मिलाप, एरिया मैनेजर सिविल सप्लाई एएस तोमर, तमाम एसडीएम एवं गैस एजेंसियों के मालिक और प्रबंधक मौजूद रहे।

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