
रामपुर बुशहर। एसजेवीएन लिमिटेड के रामपुर प्रोजेक्ट में विद्युत उत्पादन अब दिसंबर तक शुरू हो पाएगा। मुख्य टनल के कार्य में आई दिक्कतों के चलते निर्माण कार्य निर्धारित लक्ष्य से तीन माह आगे खिसक गया है। प्रोजेक्ट को तैयार करने का लक्ष्य सितंबर 2013 निर्धारित किया था।
प्रोजेक्ट प्रमुख केके गुप्ता ने वीरवार को प्रोजेक्ट विजिट के दौरान पत्रकारों को बताया कि मुख्य टनल में कंकरीटिंग का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। वहीं, पावर हाउस में चार मशीनें स्थापित कर दी गई हैं जबकि दो का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने बताया कि एक यूनिट को प्रबंधन दिसंबर तक हर हाल में चलाएगा और जबकि, बाकी यूनिटों को मार्च तक चलाया जाएगा। यहां उत्पादित बिजली उतरी ग्रिड के माध्यम से हिमाचल समेत देश के कई राज्यों को आपूर्ति की जाएगी। 412 मेगावाट के इस प्रोजेक्ट में एक साल में करीब 2200 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होगी। इसमें से 12 प्रतिशत राज्य सरकार को मुफ्त दी जाएगी। 30 प्रतिशत बिजली राज्य सरकार को बस बार रेट पर मिलेगी। शेष बिजली उत्तरी ग्रिड के माध्यम से अन्य राज्यों को आपूर्ति होती। 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली के साथ ही 30 प्रतिशत बिजली बस बार रेट पर मिलने से हिमाचल सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
इस परियोजना की लागत 2021 करोड़ रुपये आंकी गई थी, मगर कार्य आगे खिसकने से इसकी लागत में भी बढ़ोतरी हुई है। अब प्रोजेक्ट लगभग तीन हजार करोड़ रुपये में तैयार होगा। उन्होंने कहा कि सूर्य मंदिर बायल के जीर्णोद्धार के लिए पंद्रह लाख दिए गए। सामाजिक दायित्व के तहत प्रबंधन ने प्रभावित क्षेत्रों में 2012-13 में 77 लाख खर्च किए। इस मौके पर उप महाप्रबंधक (कार्मिक एवं प्रशासन) एफ बड़ाईक समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
