
भगवानपुर। औद्योगिक क्षेत्र में जलभराव की समस्या को लेकर शासन-प्रशासन की उपेक्षा से निराश उद्यमियों को आखिर सड़कों पर उतरना पड़ा। उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्र में तंबू लगाकर धरना शुरू कर दिया। धरने से हरकत में आए प्रशासन के अधिकारी और रुड़की विधायक मौके पर पहुंचे। आश्वासन दिया कि जलनिकासी के लिए शुक्रवार को इंतजाम करवाए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद उद्यमियों ने धरना खत्म कर दिया।
जून माह में भारी बारिश के बाद भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में पानी भर गया था। सबसे ज्यादा परेशानी मंत्री फार्म वाले इलाके में है। यहां अब भी तीन से चार फीट तक पानी भरा है। औद्योगिक इकाइयों के अंदर भी पानी भरने और आवाजाही ठप होने से करीब 20 फैक्ट्रियां पूरी तरह से बंद हैं। 30 फैक्ट्रियों में आंशिक रूप से काम प्रभावित हो रहा है। उद्यमी लगातार शासन और प्रशासन से शिकायत करते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उपेक्षा से त्रस्त उद्यमियों को आखिरकार आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा। बृहस्पतिवार को उद्यमी औद्योगिक क्षेत्र में ही तंबू लगाकर धरने पर बैठ गए। उद्यमियों के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुुंच गए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सोनिका ने मौके पर पहुंचकर उद्यमियों से बातचीत की। उद्यमियों का कहना था कि जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होती है तो वे यहां से पलायन करने को मजबूर हो जाएंगे। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि शुक्रवार से जलनिकासी का इंतजाम करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह एनएच के अधिकारियों को जरूरी निर्देश देंगी। जलनिकासी के लिए नाला खुदवाया जाएगा। इसके बाद उद्यमियों ने धरना समाप्त कर दिया। धरना देने वालों में भगवानपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल कुमार, प्रेम गोयल, अशोक शुक्ला, प्रवीण गर्ग, जेएस तिवारी, जीएस राठौर, गुलशन राणा, सुमित टांक, नीरज, अमित ठक्कर, हैदर अली, आदेश सैनी, नीरज, अशोक कुमार आदि शामिल थे।
ट्यूब की नाव पर घुमाया विधायक को
उद्यमियों के धरने पर बैठने की सूचना पर रुड़की विधायक प्रदीप बत्रा भी मौके पर पहुंचे। उद्यमियों ने पहले उन्हें समस्याओं से अवगत कराया। इसके बाद ट्यूब से बनाई गई नाव पर बैठाकर क्षेत्र का भ्रमण करवाया। उद्यमियों का कहना था कि कई बार शासन को समस्या से अवगत कराने के बाद भी ड्रेनेज की सुविधा नहीं मिल सकी। ऐसे में उद्यमी यहां उद्योग लगाने के लिए कैसे आएंगे। विधायक ने उद्यमियों को आश्वासन दिया कि समस्या के अस्थायी समाधान के लिए जलनिकासी के इंतजाम करवाएं जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को सीएम विजय बहुगुणा के सामने रखेंगे।
…मुश्किल हो जाएगा उद्योग चलाना
उत्तराखंड के विकास में उद्योगों की महत्वपूर्ण भागीदारी है, लेकिन शासन हमारी उपेक्षा कर रहा है। ऐसे में उद्योगों का चलाना मुश्किल होगा।
– विशाल कुमार
उद्यमी वर्षों से ड्रेनेज प्लान बनाने की मांग करते रहे हैं, लेकिन सरकार से आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला।
– अमित ठक्कर
उद्योग यदि इसी तरह बंद रहे तो हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे। हजारों लोगों की रोजी-रोटी के मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
– रंजन बख्शी
एक तरफ भगवानपुर को सिडकु़ल का दर्जा देने की बात की जा रही है, दूसरी तरफ स्थिति यह है कि जलभराव की समस्या का समाधान भी नहीं हो पा रहा है।
