लोगों पर भारी पड़ रही लोनिवि की सुस्ती

गोपेश्वर। लोनिवि की ग्रामीण क्षेत्रों में लिंक मोटर मार्गों को खोलने की सुस्त रफ्तार आपदा पीड़ितों पर भारी पड़ रही है। पोखरी, घाट, देवाल, थराली, नारायणबगड़, जोशीमठ और बंड क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़कें अभी भी अवरुद्ध पड़ी हैं। गोपेश्वर-पोखरी मोटर मार्ग मई से अवरुद्ध पड़ी हैं, जिससे हापला घाटी के ग्रामीण नंदप्रयाग, पोखरी तक जंगल के रास्ते पैदल आवागमन कर रहे हैं।
चमोली-सरतोली और घाट-नंदप्रयाग मोटर मार्ग से दशोली, घाट ब्लॉक के करीब 75 गांव जुडे़ हैं, लेकिन ये सड़कें आपदा के बाद से अवरुद्ध पड़ी हैं। पीएमजीएसवाई के अंतर्गत पीपलकोटी-मठ झडे़ता (बेमरु) और सैंजी लगा-मैकोट बैमरु लिंक मार्ग भूस्खलन से ध्वस्त पड़ी है। घाट-नंदप्रयाग मोटर मार्ग थिरपाक में पुल निर्माण नहीं होने से अवरुद्ध पड़ा है। स्यूंण गांव के ग्रामीण 12 किमी की पैदल दूरी तय कर पीपलकोटी पहुंच रहे हैं। घाट क्षेत्र के ग्रामीण जंगल के रास्ते 17 किमी की पैदल दूरी तय कर नंदप्रयाग पहुंच रहे हैं। यही स्थिति पोखरी ब्लॉक के हापला घाटी के ग्रामीणों की है। वहीं इस संबंध में लोनिवि के अधीक्षण अभियंता मदन सिंह ह्यांकी का कहना है कि 22 जेसीबी सड़कों को खोलने में लगे हैं। थराली, नारायणबगड़ और देवाल क्षेत्राें में लिंक सड़कों पर पुश्तों का निर्माण कार्य चल रहा है।

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