
नाहन (सिरमौर)। उपायुक्त विकास लाबरू ने वीरवार को डीबीटीएल योजना का लाभ लेने के लिए अपना लिकिंग फार्म जमा बैंक अधिकारियों को सौंपा। इसी के साथ जनपद में अभियान का शुभारंभ किया गया।
उपायुक्त ने बताया कि सिरमौर जिला में पहली सितंबर से रसोई गैस सब्सिडी के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना आरंभ हो जाएगी। इसके लिए प्रत्येक उपभोक्ता को लिंकिंग फार्म संबंधित गैस एजेंसी एवं बैंक शाखा में भरने अनिवार्य होंगे। पहली सितंबर से पूर्व अनिवार्य रूप से इसे जमा करवाना होगा। इस योजना के आरंभ होने से रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी उपभोक्ता के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर हो जाएगी।
उपायुक्त ने बताया कि डीबीटीएल योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए प्रत्येक उपभोक्ता के पास आधार कार्ड होना अनिवार्य है। जिन उपभोक्ताओं द्वारा अभी तक अपने आधार कार्ड नहीं बनवाए गए हैं उनके लिए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए हैं। उपभोक्ता आधार कार्ड बनाने के लिए अपने निकटतम आधार केंद्र पर जाकर अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से करवाएं। जिले में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या 72 हजार है। इसमें सर्वाधिक उपभोक्ता पांवटा साहिब, नाहन, राजगढ़ और ददाहू में हैं।
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इन स्थानों में मिलेंगे लिंकेज फार्म
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला की सभी गैस एजेंसियों, प्रत्येक बैंक शाखा, नगर पालिका, नगर पंचायत कार्यालयों, खंड विकास अधिकारी कार्यालय तथा ग्राम पंचायत कार्यालय में लिंकिंग फार्म उपलब्ध करवा दिए गए हैं। फार्म भरने के लिए उपभोक्ताओं को विभिन्न माध्यम से जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। डीसी ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम, अग्रणी यूको बैंक अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि लिंकिंग फार्म जिला के स्थानीय निकायों के प्रत्येक वार्ड तथा ग्राम पंचायत मुख्यालय, जिला में कार्यरत समस्त 105 बैंक शाखाओं, उचित मूल्य की दुकानों में दो दिन के भीतर पहुंचाना सुनिश्चित करें। ताकि सभी उपभोक्ता अपना फार्म समय पर भर सकें
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30 नवंबर के बाद बंद हो जाएंगे सब्सिडी के सिलेंडर
उपायुक्त ने बताया कि भारत सरकार की अधिसूचना के अनुसार जिन उपभोक्ताओं द्वारा लिंकिंग फार्म की औपचारिकताएं एक सितंबर तक पूरा नहीं कर पाएंगे। उन्हें 30 नवंबर तक आज की स्थिति के अनुसार सब्सिडी युक्त एलपीजी सिलेंडर मिलते रहेंगे। लेकिन 30 नवंबर 2013 के बाद सभी उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर के लिए बाजार कीमत का भुगतान करना होगा। लिंकिंंग फार्म की औपचारिकताएं पूरा करने वाले उपभोक्ताओं को ही सब्सिडी उपलब्ध होगी।
